Congress Vande Mataram controversy: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लाल किले (Congress Vande Mataram controversy) के आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल न होने और इसके बजाय पार्टी कार्यालय में तिरंगा फहराने के दौरान हुए वाकये व उस पर उपजे विवाद का विवरण नीचे अलग-अलग पैराग्राफ में दिया गया है:
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के कार्यक्रम से दूरी और कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लाल किले पर आयोजित मुख्य सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं का यह लगातार दूसरा साल है जब उन्होंने 15 अगस्त के इस समारोह से दूरी बनाई है। हालांकि, दिल्ली स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय (इंदिरा भवन) में तिरंगा फहराया गया, जहां दोनों नेता मौजूद रहे और मल्लिकार्जुन खड़गे ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सोनिया गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
वंदे मातरम गान के दौरान वायरल वीडियो और बीजेपी के आरोप
कांग्रेस दफ्तर में ध्वजारोहण और राष्ट्रगीत के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वायरल फुटेज के आधार पर बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। गुजरात बीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट से इस वीडियो को साझा करते हुए यह दावा किया गया कि कांग्रेस ने अपने वोट बैंक की राजनीति के चलते एक बार फिर राष्ट्रगीत का अपमान किया है और अपनी मानसिकता उजागर की है।
#WATCH | Delhi: The full Vande Mataram, was played at 80th Independence Day celebrations held at Congress headquarters today
Congress President Mallikarjun Kharge, CPP chairperson Sonia Gandhi and LoP Lok Sabha Rahul Gandhi and others were present on the occassion pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ
— ANI (@ANI) August 15, 2026
वायरल वीडियो की स्थिति और कार्यकर्ताओं के अलग-अलग तर्क
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब राष्ट्रगीत बज रहा था, तब राहुल गांधी ने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ देखना शुरू किया और कैमरा सोनिया गांधी की ओर जाने पर वह कुछ असहमत नजर आईं तथा खड़गे से बातचीत करने लगीं। इस दौरान एक कार्यकर्ता उनकी बात सुनने के पास भी आया, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति सामान्य हो गई और सभी नेताओं ने खड़े होकर राष्ट्रगीत पूरा किया। इस घटना पर कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं; कुछ का कहना था कि सोनिया गांधी इशारे से खड़गे के लिए कुर्सी मंगा रही थीं या पानी मांग रही थीं, तो वहीं कुछ अन्य कार्यकर्ताओं का यह भी मानना था कि पार्टी परंपरा के अनुसार केवल शुरुआती छंद ही गाए जाते हैं, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई।
कांग्रेस नेताओं की सफाई और बयान
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस पर कहा कि कार्यक्रम में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ है और इस विषय पर विस्तृत जानकारी पार्टी आलाकमान या जयराम रमेश द्वारा दी जाएगी। वहीं, कांग्रेस के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वंदे मातरम गान को रुकवाने की कोई भी कोशिश नहीं की गई थी और उस वक्त केवल मल्लिकार्जुन खड़गे जी को बैठने के लिए सीट उपलब्ध कराने को लेकर बातचीत की जा रही थी।
