पीएम मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प, देशवासियों को दिया विकास की ‘सप्तधारा’ का नया मंत्र

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं के…

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं के लिए एक बड़ी (Independence Day 2026) घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर देश के एक करोड़ युवाओं को एआई (AI) स्किल्स की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे इस तकनीकी दुनिया में देश का नेतृत्व कर सकें। इसके साथ ही, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का भी ऐलान किया गया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अवधि में लगभग 650 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई है, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर लगभग 1,000 हो चुकी है। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब देश के युवा भारत में ही रहकर विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल कर सकते हैं। छोटे बच्चों में तकनीक और नवाचार की रुचि बढ़ाने के लिए 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब बनाई गई हैं, और आज देश में 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प को दोहराया और 140 करोड़ देशवासियों से इसमें सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिने जाने वाला देश आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है। इस दौरान लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, और रक्षा उत्पादन, मोबाइल निर्माण, डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।

आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने देश के समग्र विकास के लिए सात शक्ति धाराओं—मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर—का आह्वान किया और युवाओं को इस विकसित भारत के निर्माण का सबसे बड़ा इंजन बताया।