आलू की सब्जी में छिपकली! श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में दूषित खाना खाने से 13 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

Bhopal Hostel Food: भोपाल के रातीबड़ स्थित श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रों को परोसी गई आलू की सब्जी में छिपकली मिलने से बड़ा हड़कंप…

Bhopal Hostel Food: भोपाल के रातीबड़ स्थित श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रों को परोसी गई आलू की सब्जी में छिपकली मिलने से बड़ा हड़कंप मच गया। आरोप है कि वही (Bhopal Hostel Food) छिपकली गिरी हुई दूषित सब्जी बच्चों को खिला दी गई, जिसके चलते कक्षा छठी से नौवीं तक के 13 विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत होने पर तत्काल उन्हें उपचार के लिए जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया।

परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद विद्यार्थियों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और सूचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी उन्हें स्कूल प्रशासन की ओर से समय पर नहीं दी गई। परिवारों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए घटना का पता चला, जिसके बाद वे तुरंत जेपी अस्पताल पहुंचे। परिजनों को जब यह पता चला कि बच्चों को छिपकली वाली सब्जी परोसी गई थी, तो उनमें भारी रोष देखने को मिला।

प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालक को थमाया नोटिस
श्रमोदय विद्यालय की प्रिंसिपल रत्ना दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कैंटीन संचालक की भारी लापरवाही के कारण बच्चों को छिपकली वाली सब्जी परोसी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही प्रिंसिपल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी बच्चे फिलहाल स्वस्थ और खतरे से बाहर हैं, तथा इस गंभीर लापरवाही के लिए कैंटीन संचालक को कड़ा नोटिस जारी कर दिया गया है।

पुलिस जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए रातीबड़ थाना पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामबाबू सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कैंटीन संचालक के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने हॉस्टल के भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और खानपान की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।