क्लासरूम में अचानक गिरा कंक्रीट का मलबा: बाल-बाल बचे स्कूली बच्चे; शिक्षा विभाग की लापरवाही पर अभिभावकों में भारी आक्रोश

Karnataka School Accident: कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुगलोली टांडा स्थित एक सरकारी स्कूल में बुधवार को क्लास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। छात्रों…

Karnataka School Accident: कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुगलोली टांडा स्थित एक सरकारी स्कूल में बुधवार को क्लास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। छात्रों की पढ़ाई (Karnataka School Accident) चल रही थी, तभी अचानक कक्षा की छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। छत से गिरा कंक्रीट का मलबा सीधे उन बेंचों पर जा गिरा, जहां छात्र बैठे हुए थे।

हादसे के बाद कक्षा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में चार छात्र मामूली रूप से घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी छात्र को गंभीर चोट नहीं आई। घायल छात्रों को स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

क्लास के दौरान अचानक गिरा छत का हिस्सा
बताया जा रहा है कि छात्र रोज की तरह कक्षा में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत का एक हिस्सा टूट गया और कंक्रीट का मलबा नीचे गिरने लगा। अचानक हुई इस घटना से छात्र घबरा गए और कक्षा में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

छत का मलबा छात्रों के बैठने वाली बेंचों पर गिरा, जिससे चार छात्रों को चोटें आईं। हालांकि, समय रहते छात्र सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए और बड़ा हादसा टल गया।

जर्जर हालत में है स्कूल की इमारत
घटना के बाद सरकारी स्कूल की इमारत की हालत को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल भवन पहले से ही जर्जर स्थिति में है। क्षतिग्रस्त छत से लोहे की सरिया भी बाहर निकली हुई दिखाई दे रही है, जिससे भवन की खराब स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अब सवाल उठ रहा है कि जब स्कूल की इमारत की हालत पहले से खराब थी, तो ऐसे भवन में छात्रों की कक्षाएं क्यों संचालित की जा रही थीं। साथ ही, भवन की समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अभिभावकों में नाराजगी, लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद छात्रों के अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्कूल भवन की खराब स्थिति के बावजूद समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए।

अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल भवन की तत्काल जांच कराने और जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और भवनों के रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है।

उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से स्कूल भवनों का नियमित निरीक्षण कराने, खराब इमारतों की समय पर मरम्मत करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।