हत्या या आत्महत्या? प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत से ब्रज के संतों में आक्रोश, उठाई CBI जांच की मांग

Vrindavan Sant Death Case: धर्मनगरी वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा…

Vrindavan Sant Death Case: धर्मनगरी वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना (Vrindavan Sant Death Case) को लेकर ब्रज के संत समाज में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। संतों ने इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने का आग्रह किया गया है।

संत समाज का साफ तौर पर कहना है कि प्रेमानंद जी के शिष्य के साथ घटी इस रहस्यमय घटना से पूरे ब्रजमंडल की आत्मा आहत हुई है। मौत के पीछे की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। संतों का मानना है कि यह स्पष्ट होना बेहद जरूरी है कि यह मामला एक सोची-समझी हत्या का है या आत्महत्या का। सच्चाई से पर्दा उठाने और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना अनिवार्य हो गया है।

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में संतों ने वृंदावन के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पावन भूमि युगों से भजन, तप और साधना की स्थली रही है। यहां देश-विदेश से सिद्ध महात्मा और साधक मोक्ष व भक्ति की प्राप्ति के लिए आते हैं। आज भी हजारों की संख्या में संतजन गेरुआ वस्त्र धारण कर वृंदावन की परिक्रमा करते हैं और अपनी साधना में लीन रहते हैं।

साथ ही, संत समाज ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई है कि इस पवित्र आड़ में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी संतों का वेश धारण कर वृंदावन में सक्रिय हो गए हैं। ऐसे तत्वों की पहचान और उनका कड़ा सत्यापन किया जाना समय की मांग है। संतों ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही, वृंदावन की आध्यात्मिक गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए साधु-संतों के सत्यापन की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किए जाने की बात कही गई है।