Tiger Shroff Shooting Plot: कोटा में टाइगर शूटआउट की साजिश को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने के लिए (Tiger Shroff Shooting Plot) कैलिफोर्निया से 34 हजार की सुपारी दी गई थी। इस पूरी साजिश को विदेश में बैठे अनिल पंडित द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था, जिसने आरोपियों को पैसे देने और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पकड़े गए तीनों आरोपी बालिग हैं।
कैसे रची गई साजिश और आरोपियों की पृष्ठभूमि
इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों के नाम रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रोशन उर्फ ऋतिक हैं। इनमें से फूल सिंह और रेहान मजदूरी करते हैं, जबकि ऋतिक रैपिड बाइक चलाता है। ऋतिक को स्थानीय इलाकों की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसे इस साजिश में शामिल किया गया था। ऋतिक की उम्र 22 वर्ष है, जबकि रेहान और फूल सिंह दोनों 18 वर्ष के हैं।
जांच में सामने आया है कि रेहान का संपर्क सबसे पहले सोनीपत के रहने वाले समीर नाम के युवक से हुआ था, और समीर ने ही अनिल पंडित से इनकी बात करवाई थी। इससे पहले रेहान और फूल सिंह ने अमृतसर के एक व्यापारी पर भी गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन तब पिस्टल से गोली चल नहीं पाई थी। इस मामले में अमृतसर पुलिस ने समीर को हिरासत में ले लिया है। वहीं, ऋतिक ने इस पूरी वारदात के लिए एक चोरी की बाइक का इंतजाम किया था।
वारदात के बाद ऐसे बदली पहचान और अपनाया फरार होने का रास्ता
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों ने अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचकर लोकल ट्रेन पकड़ी और दो-तीन स्टेशन आगे जाकर उतर गए। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन टैक्सी बुक की, जिसका भुगतान (पेमेंट) अनिल पंडित ने ही किया था। इसके जरिए वे सूरत पहुंचे और वहां से पुणे-जयपुर ट्रेन में बैठ गए।
पहचान छिपाने के लिए उन्होंने शातिर तरीका अपनाया। ये लोग मुंबई में घूमने के लिए अक्सर जुहू चौपाटी जाते थे और इनके बाल लंबे थे। लेकिन कोटा पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर उनके कपड़े बदले हुए थे और तीनों के बाल भी छोटे थे। उन्होंने ट्रेन में सफर के दौरान ही अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद के बाल काटे और कपड़े बदले थे।
कोटा से गिरफ्तारी और नेपाल भागने का प्लान
सोमवार को राजस्थान के कोटा शहर में मुंबई से आ रही एक ट्रेन से तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। कोटा की पुलिस अधीक्षक (SP) तेजस्वनी गौतम ने बताया कि आरोपियों के पास से फिलहाल कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है, और ऐसी संभावना है कि उन्होंने रास्ते में हथियार फेंक दिए होंगे। उनके पास बैग में केवल कपड़े मिले हैं।
संदिग्धों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उनकी योजना जयपुर से दिल्ली के लिए बस पकड़ने और फिर सीमा पार करके नेपाल भागने की थी। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की गहराई से जांच कर रही है।
