‘एक कचौड़ी दो समोसा…’: महिलाओं के अनोखे और फनी विरोध प्रदर्शन ने इंटरनेट पर छेड़ी मजेदार ‘स्लोगन वॉर

Women Protest Slogans: सोशल मीडिया पर आजकल महिलाओं के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगाए जाने वाले अनोखे और मजेदार नारे काफी धूम मचा रहे हैं।…

Women Protest Slogans: सोशल मीडिया पर आजकल महिलाओं के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगाए जाने वाले अनोखे और मजेदार नारे काफी धूम मचा रहे हैं। देश के अलग-अलग (Women Protest Slogans) हिस्सों और खासकर दिल्ली में महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर हुए प्रोटेस्ट का अंदाज इस बार बिल्कुल जुदा और नया नजर आया है। गंभीर और पारंपरिक नारों को पीछे छोड़ते हुए आज के युवाओं ने मीम कल्चर, तुकबंदी (राइमिंग) और फनी स्लोगन्स का खुलकर इस्तेमाल किया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर छात्राओं और महिलाओं ने जिस गजब की क्रिएटिविटी के साथ अपनी आवाज उठाई है, उसने इंटरनेट पर एक नई बहस और स्लोगन वॉर की शुरुआत कर दी है। इन प्रदर्शनों में ‘एक कचौड़ी दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा’, ‘एक सुट्टा दो चाय… मर्द जात हाय-हाय’, ‘नहीं किसी के बाप की… नारी अपने आप की’, ‘शर्म नहीं है मर्दों में… औरत क्यों है पर्दों में’, ‘मुन्ना करे कुछ भी कांड… हर बार होगी मुन्नी बदनाम’ और ‘क्यूटी नहीं… क्रांति हूं’ जैसे स्लोगन सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहे हैं।

जब ये वीडियो इंटरनेट पर पहुंचे, तो कमेंट सेक्शन में जनता की रचनात्मकता खुलकर बाहर आई और एक मजेदार ‘स्लोगन बैटल’ छिड़ गई। लोग एक से बढ़कर एक बेहतरीन राइमिंग लाइनें कमेंट्स में लिख रहे हैं, जैसे—‘एक जीरा, दो अजवाइन, मर्द जात तो रिजाइन’, ‘गरम-गरम वड़ा पाव, मर्द जात सुधर जाओ’ और ‘दो प्याज एक बिरयानी, हर मर्द की अलग कहानी।’

 

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इस फनी स्लोगन बैटल में लड़के भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने बड़े ही सकारात्मक अंदाज में इसका जवाब दिया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा—‘एक इडली, दो डोसा… हर मर्द नहीं एक जैसा’ और ‘मक्के की रोटी, सरसों का साग… नारी शक्ति जिंदाबाद।’

कुल मिलाकर, गंभीर मुद्दों को उठाने का यह नया और रचनात्मक तरीका लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे बिना किसी आक्रामकता के, हल्के-फुल्के और मजेदार अंदाज में भी अपनी बात को पूरी मजबूती और असरदार तरीके से समाज के सामने रखा जा सकता है।