पनौती को अपने से दूर रखने के लिए लॉग यह भगवान शनिदेव के चमत्कारिक मंदिर में रखते हैं जुते

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आज हम शनिदेव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां माना जाता है कि शनिदेव का जन्म किस मंदिर में ही हुआ था।आप ने शनिदेव को अलग-अलग बहुत सारे मंदिर में विराजमान देखा होगा।

लेकिन इस मंदिर में भगवान शनि देव आरती पर विराजमान है और इसकी क्या खासियत है आज हम आपको बताएंगे।क्यों मंदिर जामनगर (jamnagar) जिले के भानवड तालुका की कोटला गांव में स्थित है यह भगवान से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

कहा जाता है कि आज भी भक्ति शनि कुंड में स्नान करने हजारों लोग आते हैं और पनौति को उतारते हैं। शास्त्रों के अनुसार शनि देव के 10 श्लोक और 10 वाहन है। कहा जाता है कि शनिदेव अपनी पत्नी पनौती के साथ इस मंदिर में आए थे। इसलिए इस मंदिर को पनौती मंदिर भी कहा जाता है।

शनि देव की शनि जयंती के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु पैदल चलकर शनि देव के दर्शन के लिए आते हैं।कई अन्य भक्तों की लंबी कतारें भी मंदिर के बाहर लगती है। इस मंदिर की एक मान्यता है कि आप लोग जो चप्पल पहन के आए वह चप्पल यहां रख कर जाए तो आपकी सारी पनोती चली जाएगी।