Noida IICK Hostel Food: जिस स्थान की पहचान देश-दुनिया को पाक कला (कुकिंग) का हुनर सिखाने के लिए होती है, उसी संस्थान के हॉस्टल में छात्रों को परोसे जा रहे (Noida IICK Hostel Food) खाने को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नोएडा के सेक्टर 62 स्थित भारतीय पाक कला संस्थान (IICK) के हॉस्टल मेस में छात्रों ने खाने में कीड़े और दूषित सामग्री मिलने की बड़ी शिकायत की है। किसी की थाली में चावल में काला कीड़ा मिला है, तो किसी की दाल में मटन के टुकड़े मिलने का गंभीर आरोप लगा है।
शाकाहारी खाने में मटन और सब्जी में मिली मरी हुई झिल्ली
मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब छात्रों ने बताया कि शाकाहारी भोजन में भी मटन के टुकड़े परोसे गए। इसके अलावा, सब्जी में मरी हुई और रेंगती हुई झिल्ली मिलने की बात भी सामने आई है। छात्रों का आरोप है कि मेस में भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता (हाइजीन) की निगरानी पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता है।
इस हॉस्टल की मेस में भारतीय पाक कला संस्थान के अलावा भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) और नेशनल काउंसलिंग फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (NCHMCT) के छात्र भी खाना खाते हैं। यहाँ एक साथ करीब 211 छात्र भोजन करते हैं, जिससे यह लापरवाही कई छात्रों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
पर्यटन मंत्रालय तक पहुँचा मामला, अभिभावकों ने की शिकायत
मेस में परोसे जा रहे घटिया और दूषित भोजन से परेशान छात्रों ने मिलकर कैटरिंग इंचार्ज को लिखित शिकायत दी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब छात्रों के अभिभावक भी मैदान में उतर आए हैं।
अभिभावक प्रमोद मेहता ने इस कथित लापरवाही की शिकायत ईमेल के माध्यम से पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश्वर कुमार और एनसीएचएमसीटी के सीईओ ज्ञान भूषण से की है। छात्रों का यह भी कहना है कि मेस में बनी पाइपलाइन के आसपास काफी संख्या में कीड़े दिखाई देते हैं, और आशंका है कि वहीं से खाने में कीड़े गिर रहे हैं।
संस्थान ने बनाई फूड कमेटी, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामला तूल पकड़ने के बाद संस्थान प्रशासन हरकत में आया है। भारतीय पाक कला संस्थान के एकेडमिक इंचार्ज डॉ. सत्यवीर सिंह ने जानकारी दी है कि संस्थान ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक ‘फूड कमेटी’ का गठन कर दिया है।
जांच पूरी होने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट काउंसलिंग को सौंपेगी। रिपोर्ट के सामने आने पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्रों की थाली में कीड़े और मटन के टुकड़े पहुंचने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और मेस संचालन में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। संस्थान का यह भी कहना है कि छात्रों के खान-पान की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
