Muzaffarpur Double Murder: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और मृतका (Muzaffarpur Double Murder) के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी निशानदेही पर 6 साल के मासूम बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ शवों का खुलासा?
विदित हो कि 27 जुलाई 2026 को कांटी थाना क्षेत्र के विशुनपुर सुमेर स्थित एक बगीचे की झाड़ियों से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव पुराना होने के कारण उससे बदबू आने लगी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बाद में सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों की मदद से मृतका की पहचान कांटी थाना क्षेत्र की रहने वाली मंजू कुमारी के रूप में हुई। मृतका के पिता के लिखित आवेदन पर कांटी थाना में कांड संख्या 481/26 दर्ज किया गया, जिसमें पांच नामजद अभियुक्तों पर बेटी की हत्या और 6 साल के नाती को गायब करने का गंभीर आरोप लगाया गया था।
प्रेम-प्रसंग और शक के कारण रची गई खौफनाक साजिश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 जुलाई 2026 को नामजद अभियुक्त हरि पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद मुख्य आरोपी और मृतका के प्रेमी विकास कुमार को भी धर दबोचा गया। पूछताछ में विकास ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। जांच में सामने आया कि मृतका की पहले दो शादियां हो चुकी थीं और उसका विकास के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। स्कूल के दिनों से संबंध में रहे दोनों की अलग-अलग शादियां होने के बावजूद वे संपर्क में थे। विकास को शक था कि मंजू का किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी अवैध संबंध है, जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
मासूम का शव और तेजाब की बोतल बरामद: राज छिपाने के लिए की गई थी बच्चे की हत्या
गिरफ्तार आरोपी विकास कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने विशुनपुर सुमेर के बगीचे के पास से ही मृतका के 6 साल के बेटे आर्यन कुमार का शव बरामद कर लिया। इसके अलावा, पहचान छिपाने के लिए दोनों के चेहरों पर डाले गए एसिड की प्लास्टिक की बोतल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस को यह अंदेशा है कि मंजू की हत्या के दौरान उसके बेटे आर्यन ने पूरी घटना देख ली थी, इसलिए राज खुलने के डर से आरोपी ने मासूम की भी गला घोंटकर या अन्य तरीके से हत्या कर उसका शव अलग स्थान पर फेंक दिया था। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
