Baran Government School: राजस्थान के बारां जिले से शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के देवरी क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय (Baran Government School) रायपुर में पिछले करीब एक साल से एक भी छात्र नामांकित नहीं है, और नए शैक्षणिक सत्र में भी किसी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया है।
बिना छात्रों के रोज खुलता है स्कूल
सरकारी आंकड़ों और व्यवस्था की अजीब हकीकत यह है कि स्कूल में पढ़ने वाला एक भी बच्चा न होने के बावजूद यह विद्यालय रोज तय समय पर खुलता है। दो शिक्षक नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर पहुंचते हैं, स्कूल का पूरा समय वहाँ बिताते हैं और शाम को ताला लगाकर अपने घर लौट जाते हैं।
शिक्षकों की सेवाओं का हो रहा दुरुपयोग
वर्तमान में इस विद्यालय में दो शिक्षक तैनात हैं, जो रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, लेकिन उनके पढ़ाने के लिए एक भी छात्र मौजूद नहीं रहता। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन शिक्षकों को किसी ऐसे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाए जहाँ शिक्षकों की भारी कमी है, तो वहां के जरूरतमंद बच्चों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
बारां जिले में सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए भले ही बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हों, लेकिन रायपुर के इस स्कूल की स्थिति विभाग की योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करती है। भवन और संसाधन मौजूद होने के बावजूद छात्र संख्या शून्य होना सरकारी व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े करता है।
डीईओ ने दिए शिक्षकों के स्थानांतरण के आदेश
इस पूरे मामले पर बारां के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सीताराम गोयल ने बताया कि पिछले लगभग एक साल से इस विद्यालय में कोई नामांकन नहीं हुआ है और विभाग को इस संबंध में शिकायतें भी मिली थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की समीक्षा के बाद विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें जरूरत के अनुसार अन्य स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
