Bad Road Complaint: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। महज सात साल की बच्ची समरा (Bad Road Complaint) नाज अपने मोहल्ले की खराब सड़क की समस्या लेकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गई। पहली कक्षा में पढ़ने वाली समरा ने अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बच्ची का वीडियो
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले समरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में बच्ची ने अपने मोहल्ले की सड़क की बदहाल स्थिति को दिखाया था। उसने खराब रास्ते को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे।
महज सात साल की उम्र में अपने इलाके की समस्या को लेकर बच्ची की बेबाकी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थी। वीडियो सामने आने के बाद अब समरा ने खुद प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखने का फैसला किया।
परिजनों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची समरा
सोमवार को समरा अपने परिजनों के साथ मऊ के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां उसने डीएम आनंद वर्धन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बच्ची ने मोहल्ले के कच्चे और जर्जर रास्ते से होने वाली परेशानियों का जिक्र किया और जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत कराने की मांग की।
समरा के मुताबिक, मोहल्ले का रास्ता काफी समय से खराब है। इसी रास्ते से बच्चों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी रोजाना आवागमन करना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
“मुर्दा वही नहीं होता जिसकी साँसें बंद हो जाती हैं, मुर्दा उसको भी कहते हैं जो अपने हक़, अधिकार के लिए आवाज़ नहीं उठा पाता हो”
मऊ की 7 वर्षीय बेटी “समरा नाज़” ने अपने इलाक़े में ख़राब सड़क की मरम्मत को लेकर DM मऊ को ज्ञापन दिया।
बातचीत सुनिए, बहुत अच्छा लगेगा.. pic.twitter.com/jzWNKEOxk8
— Nitin Prajapati (@Prajapat204) August 31, 2026
डीएम ने जांच के दिए निर्देश
बच्ची की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि कक्षा एक में पढ़ने वाली समरा उनके पास ज्ञापन लेकर आई थी। बच्ची ने बताया कि उसके स्कूल जाने वाले रास्ते में कच्ची सड़क है, जिसकी स्थिति काफी खराब है और उसे मरम्मत की जरूरत है।
जिलाधिकारी ने कहा कि समस्या की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा जाएगा। जांच के बाद नियमानुसार सड़क की समस्या का समाधान कराने की कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची के साहस की हो रही तारीफ
सिर्फ सात साल की उम्र में अपने मोहल्ले की समस्या को लेकर प्रशासन तक पहुंचने वाली समरा की पहल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी लोग बच्ची के साहस और जागरूकता की तारीफ कर रहे हैं।
समरा ने अपनी पहल के जरिए यह संदेश दिया है कि किसी समस्या को उठाने के लिए उम्र बाधा नहीं होती। अगर समस्या के समाधान के लिए सही मंच तक अपनी बात पहुंचाने का साहस हो, तो छोटी सी आवाज भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर सकती है।
