Kanpur Conversion Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 19 साल की एक युवती ने एक मुस्लिम महिला और युवक (Kanpur Conversion Case) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसे बुर्का पहनाकर उसकी फोटो खींची, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, उसके साथ मारपीट की और फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों और उत्पीड़न के कारण युवती का घर से निकलना मुश्किल हो गया था और उसे अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी युवक को हिरासत में लिया है।
बचपन से पड़ोस के परिवार से थी पहचान और तौफीक से मुलाकात
पीड़ित युवती के मुताबिक, रावतपुर निवासी रूबी खान के घर के पास उसकी नानी का मकान है, जहां वह बचपन से रहती थी। इसी वजह से उसका रूबी के घर आना-जाना था और वह रूबी को ‘मामी’ कहकर बुलाती थी। करीब दो साल पहले रूबी खान के बच्चों को अरबी पढ़ाने के लिए जामा मस्जिद में पढ़ने वाला तौफीक नाम का युवक उनके घर आता था, जिससे युवती की पहचान हुई। युवती के अनुसार, उस समय रूबी, तौफीक और वह कभी-कभी चाय पीने के लिए बाहर भी जाते थे।
बुर्का पहनाकर फोटो खींचने और धर्म परिवर्तन का दबाव
युवती का आरोप है कि एक दिन रूबी खान ने उसे अपने घर में बुर्का पहनाकर उसकी फोटो खींच ली। इसके बाद, रूबी उसे चाय पिलाने के बहाने बाहर ले गई जहां तौफीक भी मौजूद था। वहां तौफीक ने उससे बुर्का पहनकर आने, मस्जिद में रहने, नमाज पढ़ने और इस्लाम कबूल कर धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा। जब युवती ने अपना धर्म छोड़ने से इनकार करते हुए इसका कड़ा विरोध किया, तो रूबी और तौफीक ने उसके साथ मारपीट की।
फोटो वायरल करने की धमकी और पढ़ाई छोड़ने का मजबूर होना
आरोप है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर आरोपियों ने उसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी, जिसके बाद रास्ते में भी उसे लगातार परेशान किया जाने लगा। इस खौफ और मानसिक प्रताड़ना के चलते बीबीए की पढ़ाई कर रही युवती ने नवंबर 2025 में कॉलेज जाना छोड़ दिया और नानी के घर से दूर अपने माता-पिता के साथ रहने लगी। हालांकि, घर बदलने के बाद भी उस पर धमकियां और दबाव लगातार जारी रहा।
थाने में शिकायत और पुलिस कार्रवाई
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने 2 सितंबर को रावतपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में उसकी बात गंभीरता से नहीं ली और उसे ही गलत ठहराया। इसके अलावा, थाने के बाहर आरोपी पक्ष के लोग भी पहुंच गए और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हालांकि, पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी जिद पर अड़ी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी कासिम आब्दी ने युवती की शिकायत पर आरोपी तौफीक को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
