ग्रीष्मा वेकारिया हत्याकांड: घटना देखने वाले 25 से अधिक लोगों में से किसीने भी ग्रिश्मा को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की? पुलिस ने कही ये चौकाने वाली बात

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सूरत ग्रीष्मा वेकारिया हत्याकांड: वेकारिया परिवार के सदस्यों ने कहा कि, उनकी बेटी की हत्या दिन दहाड़े कर दी गई, ऐसे में सरकार कैसे बेटियों की सुरक्षा का दावा कर सकती है। प्यार का प्रस्ताव ठुकराए जाने पर फ़ेनिल गोयानी ने परिवार वालों के सामने ग्रीष्मा का गला काट डाला और फेनिल ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

पसोदरा में ग्रीष्मा हत्याकांड के एक आरोपी फेनिल के खिलाफ सोमवार को अदालत में 1,000 पन्नों का मूल और कुल 2,500 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया गया। जिसमें 25 चश्मदीद हैं। बयान के लेखकों ने कहा कि, जब घटना हुई तो वे आरोपी के पास नहीं गए क्योंकि उसके हाथ में चप्पू था। कुछ लोगों को डर था कि अगर वे संपर्क करेंगे तो वे लड़की को मार देंगा।

इस बीच पुलिस पहली बार सभी 170 गवाहों के घर गई और उनके बयान लिए। इस सप्ताह सुनवाई शुरू होने वाली है और जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मुख्य जिला लोक अभियोजक नयन सुखाड़वाला पूरे मामले-कानूनी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं. मृतक के परिजन भी चाहते हैं कि वे केस लड़ें।

ग्रीष्मा की चाची राधिका ने कहा कि, “ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो हमारी बेटियां कैसे पढ़ पाएगी। सरकार ने बैनर लगाए हैं, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” लेकिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो महिला सुरक्षा से जुड़े बैनर हटा देने चाहिए और नारे लगाने बंद कर देने चाहिए। बेटी बचाओ के बैनर के बदले लगाना चाहिए कि अगर बेटी बचानी है तो उसे घर पर रखो। फ़ेनिल को सख़्त सजा मिलनी चाहिए ताकि दूसरों को भी सबक मिले। उन्होंने कहा, “ग्रीष्मा के साथ जो हुआ वैसा देश की किसी दूसरी बेटी के साथ नहीं होना चाहिए। हमारी बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी? वे तभी सुरक्षित रहेंगी जब राज्य सरकार कोई पर्याप्त सुरक्षा कराएगी” 

ग्रीष्मा की मां विलास वेकारिया ने कहा कि वो अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी निर्दोष थी। उसकी कोई ग़लती नहीं थी फिर भी उसे मार डाला गया। उसने मेरी आंखों के सामने मेरी बेटी का गला काट डाला। तेज़ी से ख़ून निकलने लगा था। यह सब मैंने अपनी आंखों से देखा था।” दिल दहलाने वाली इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है जिसके चलते लोग पुलिस व्यवस्था और लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। 

घटना के बाद सूरत के आईजी राजकुमार पांडियन ने नागरिकों से अपील की है कि ‘अगर परिवार की लड़की के साथ कोई छेड़छाड़ कर रहा है या परेशान कर रहा है तो सामाजिक प्रतिष्ठा की चिंता किए बिना पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।’