CJP Protest: देश भर में गहराए पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक हुई। दोपहर 12:40 बजे से 2:20 बजे तक चली इस बैठक में सरकार (CJP Protest) की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया। इससे पहले 20 जुलाई को जेपी नड्डा के आवास पर हुई वार्ता बेनतीजा रही थी।
CJP ने रखीं अपनी प्रमुख मांगें
वीपी हाउस के कमरा नंबर 504 में हुई इस बैठक के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 5 पैराग्राफ का एक लिखित मांग पत्र सौंपा। CJP की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत प्रभाव से इस्तीफा लिया जाए।
पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और मेट्रो स्टेशनों पर असर
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि पेपर लीक के बाद से अब तक क्या-क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। वहीं, सुरक्षा और प्रदर्शनों को देखते हुए DMRC ने अगले आदेश तक नई दिल्ली सहित 18 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
Delhi: A meeting held between Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh, and Cockroach Janta Party’s Chief Spokesperson Saurav Das and its National Spokesperson Ashutosh Ranka. pic.twitter.com/fOOEHWM7HR
— ANI (@ANI) July 24, 2026
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, न्यूट्रल वेन्यू पर बनी सहमति
दूसरी ओर, प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने NEET समेत कई मुद्दों पर सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों अपना अनशन खत्म कर दिया।
शुरुआत में सरकार ने CJP को जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय पर वार्ता का प्रस्ताव दिया था, जिसे CJP ने खारिज करते हुए जंतर-મંતર या किसी न्यूट्रल जगह पर बात करने की शर्त रखी थी। सरकार द्वारा इस शर्त को स्वीकार करने के बाद ही कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में यह वार्ता संभव हो सकी।
#WATCH | Delhi: A meeting held between Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh, and Cockroach Janta Party’s Chief Spokesperson Saurav Das and its National Spokesperson Ashutosh Ranka. pic.twitter.com/AYMu9RD8d8
— ANI (@ANI) July 24, 2026
पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून ला रही सरकार
पेपर लीक की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार सख्त कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी वीडियो संदेश के बाद कैबिनेट में नए कानून के मसौदे पर चर्चा की गई है। माना जा रहा है कि आगामी सोमवार को इसे संसद के पटल पर पेश किया जाएगा।
नए कानून के मुख्य प्रावधान:
मामलों की सुनवाई और फैसले के लिए 3 महीने की समय-सीमा (फास्ट ट्रैक कोर्ट)।
दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल की सजा।
10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान।
