Anti Paper Leak Bill: राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि कई लोग उनसे यह सवाल पूछ रहे थे कि वह NEET पेपर लीक (Anti Paper Leak Bill) मामले पर चुप क्यों हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष में रहते हुए सरकार से सवाल पूछना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन सत्ता पक्ष का हिस्सा बनने के बाद उनकी भूमिका बदल चुकी है। अब उनका दायित्व केवल सवाल उठाना नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान देना है और यही वजह है कि वह इस महत्वपूर्ण विधेयक के समर्थन के साथ अपनी बात रख रहे हैं।
केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि समस्या का ठोस समाधान
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि कैमरों के सामने बयान देना बेहद आसान होता है, लेकिन सरकार ने केवल बयानबाजी करने के बजाय पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का ठोस समाधान तैयार किया है। उनके मुताबिक, यह एंटी पेपर लीक बिल परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे संगठित तरीके से होने वाले पेपर लीक पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
NEET छात्रों को संदेश: ‘आपका गुस्सा पूरी तरह जायज है’
NEET अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों का गुस्सा, दर्द और नाराजगी बिल्कुल जायज है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने एक अभिभावक की तरह छात्रों की चिंताओं को सुना है और उसके बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। सरकार पहली बार देश में पेपर लीक के खिलाफ एक व्यापक कानूनी फ्रेमवर्क लेकर आई है।
75 दिन में चार्जशीट और कंप्यूटर आधारित होगी अगली परीक्षा
सांसद ने जानकारी दी कि सरकार ने मामले की जांच को लंबित न रखते हुए मात्र 75 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में NEET परीक्षा OMR शीट के स्थान पर पूरी तरह कंप्यूटर आधारित प्रणाली से आयोजित की जाएगी। उनके अनुसार, नए कानून में इतनी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है कि अपराधी भविष्य में ऐसा करने से पहले सौ बार डरेंगे।
‘पेपर लीक पैन इंडिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और क्रॉनिक डिजीज’
राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य, सरकार या राजनीतिक दल का सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक ‘पैन इंडिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम’ और पुरानी बीमारी है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में 19 जुलाई 2026 को हुई फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल और अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले जाने के मामले का भी विशेष रूप से जिक्र किया।
‘कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता’
अपने संबोधन के अंत में राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल मीडिया साउंड बाइट या राजनीतिक बयानबाजी से संभव नहीं है। इसकी तुलना कैंसर से करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कैंसर का इलाज केवल क्रोसिन की गोली से नहीं किया जा सकता, ठीक उसी तरह इस समस्या का स्थायी समाधान संस्थागत सुधारों और कड़े कानूनों से ही मिल सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए इस कड़े कानून का समर्थन किया जाए।
