पेरेंट्स की लापरवाही, मासूम की जान पर बन आई! चंद्रपुर में 17 साल के लड़के ने साइकिल सवार बच्चे को उड़ाया, हवा में उछला मासूम

Chandrapur Accident: अभिभावकों द्वारा नाबालिग बच्चों के हाथों में बेखौफ होकर गाड़ियां सौंपने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, और इसका नतीजा…

Chandrapur Accident: अभिभावकों द्वारा नाबालिग बच्चों के हाथों में बेखौफ होकर गाड़ियां सौंपने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, और इसका नतीजा अक्सर (Chandrapur Accident) ऐसी खौफनाक घटनाओं के रूप में सामने आता है जो रूह कंपा देती हैं। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती शहर स्थित नागसेन नगर परिसर में एक 17 वर्षीय नाबालिग द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार बाइक ने एक 8 साल के मासूम की जिंदगी दांव पर लगा दी। ट्यूशन से साइकिल पर लौट रहे इस बच्चे को इतनी भीषण टक्कर मारी गई कि वह हवा में उछलकर दूर जा गिरा। यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

ट्यूशन से लौट रहे मासूम को मारी जोरदार टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 वर्षीय मासूम रोजाना की तरह अपनी ट्यूशन खत्म कर साइकिल से घर वापस लौट रहा था। जैसे ही उसने सड़क पार करने की कोशिश की, तभी सामने से आ रहे एक 17 वर्षीय नाबालिग ने तेज गति से दोपहिया वाहन दौड़ाते हुए उसे जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा साइकिल समेत सड़क पर काफी दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही भद्रावती पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल बालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गनीमत यह रही कि डॉक्टरों के अथक प्रयासों से मासूम की जान बच गई, लेकिन उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।

अभिभावकों की गैर-जिम्मेदाराना भूमिका पर कड़े सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और कानून की धज्जियां उड़ाने वाले अभिभावकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन लगातार अपील करते रहते हैं कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर नाबालिगों की तेज रफ्तार का कहर जारी है। फिलहाल भद्रावती पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली में भी सामने आ चुका है ऐसा ही खौफनाक मामला
नाबालिगों द्वारा नियमों की अनदेखी और लापरवाही से होने वाले हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ समय पूर्व देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के किशनगढ़ इलाके से भी ऐसा ही एक मार्मिक मामला सामने आया था, जहां एक नाबालिग की नादानी ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया था।

वहाँ एक 17 वर्षीय किशोर ने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी के लिए किराए पर एक लग्जरी ऑडी कार ली थी। कार की स्टेयरिंग संभालते ही उसने अपनी तेज रफ्तार और लापरवाही का ऐसा कहर बरपाया कि वाहन बेकाबू होकर तीन अलग-अलग वाहनों से जा टकराया। इस भीषण दुर्घटना में सड़क पार कर रहे एक 45 वर्षीय निर्दोष पैदल यात्री की अकाल मौत हो गई थी, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि नाबालिगों को गाड़ी देना कितना घातक साबित हो सकता है।