अपहरण से लेकर सेक्स रैकेट तक का खौफनाक जाल! पटना और मुजफ्फरपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी, नेटवर्क के 7 गुर्गे दबोचे गए

Muzaffarpur Minor Girl Case: मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले की जांच कर रही पुलिस को एक ऐसा अहम सुराग मिला, जिसने…

Muzaffarpur Minor Girl Case: मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले की जांच कर रही पुलिस को एक ऐसा अहम सुराग मिला, जिसने पूरे केस की दिशा ही बदल दी। लड़की की तलाश करते हुए पुलिस मुजफ्फरपुर से पटना पहुंची, जहां से उसे सकुशल (Muzaffarpur Minor Girl Case) बरामद कर लिया गया। इस सनसनीखेज मामले में तफ्तीश के दौरान यह बात सामने आई कि लड़की को एक शहर से दूसरे शहर भेजकर देह व्यापार के दलदल में धकेला गया था। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और एक अन्य नाबालिग लड़की को भी बरामद किया गया है।

हरदिया मेले से हुई थी शुरुआत और केस दर्ज
यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, हरदिया में लगे एक मेले के दौरान एक व्यक्ति द्वारा लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद लड़की के गायब होने पर परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें कथैया थाना पुलिस को भी शामिल किया गया। टीम ने तकनीकी जांच और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की, जिसके बाद लड़की के पटना में होने की पुख्ता जानकारी मिली।

पटना से बरामदगी और सेक्स रैकेट का खुलासा
सुराग मिलने पर पुलिस टीम ने पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच के दौरान सेक्स रैकेट से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। शुरुआती जांच में आरोप है कि मुजफ्फरपुर लाने के बाद लड़की को देह व्यापार में धकेला गया और बाद में उसे पटना भेज दिया गया। एसएसपी ने बताया कि बरामद लड़की की हालत काफी नाजुक थी, जिसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया और उसकी मेडिकल जांच सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

ताबड़तोड़ छापेमारी और 7 आरोपियों की गिरफ्तारी
पटना में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों—बिट्टू कुमार, शमिता कुमारी, सुजीत कुमार और मकान मालिक गिरिजा यादव को गिरफ्तार किया। इनसे मिली जानकारी और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की, जहां से अनीता कुमारी, आशीष कुमार और भूषण झा को दबोचा गया। इस प्रकार, इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और छापेमारी के दौरान एक अन्य नाबालिग लड़की को भी मुक्त करा लिया गया है।

मुख्य संचालक की तलाश और आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और नाबालिगों की तस्करी या उन्हें एक जगह से दूसरी जगह भेजने में किस-किस की क्या भूमिका रही है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अपहृत बच्ची के गांव की रहने वाली एक महिला और उसका पति भी इस रैकेट से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। एसएसपी कांतेश मिश्रा के मुताबिक, पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य संचालक की पहचान करने और अन्य फरार आरोपियों (including एक फरार मकान मालिक) की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।