Mohanlalganj Murder Case: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में हुए चर्चित रामकिशोर वाल्मीकि हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। अवैध संबंध के विवाद (Mohanlalganj Murder Case) में रची गई इस साजिश के तहत पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू और ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है।
चार साल पुराना प्रेम संबंध और निकाह
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सूफिया बानो ने खुलासा किया कि उसके रामकिशोर के साथ करीब चार साल से प्रेम संबंध थे और दो साल पहले दोनों ने निकाह किया था। इसके बाद से रामकिशोर उसके साथ ही रह रहा था। हालांकि, कुछ समय बाद सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ के साथ अवैध संबंध हो गए, जिसकी भनक रामकिशोर को लग गई थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होने लगा था। इसके अलावा, रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास भी आने-जाने लगा था और उसे खर्च देता था, जिससे तंग आकर सूफिया ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सोते समय चाकू से निर्मम हत्या
साजिश के तहत 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात सूफिया ने प्रेमी मुन्ना और उसके साथी मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद को अपने घर बुलाया। दरवाजा खुला होने के कारण दोनों अंदर दाखिल हुए और सो रहे रामकिशोर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने फर्श पर खून के निशान मिटाने की कोशिश की और शव को एक लकड़ी के बक्से में भरकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सनी झाड़ू और मृतक के कपड़े भी कमरे में ही छिपा दिए गए।
ई-रिक्शा से नहर में फेंका शव
घटना के अगले दिन, यानी 15 और 16 सितंबर की रात को सूफिया, मुन्ना, इकबाल और एक नाबालिग ने मिलकर शव को ई-रिक्शा (नंबर: UP 32 ST 9940) में लादा। इसके बाद पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए उन्होंने कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे शव को फेंक दिया। मृतका की पहली पत्नी कविता देवी द्वारा 17 सितंबर को मोहनलालगंज थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की थी।
180 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हुआ पर्दाफाश
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की चार टीमों ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल ई-रिक्शा के रूट को ट्रेस किया और रास्ते में लगे करीब 170 से 180 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। स्थानीय सूचना तंत्र और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
