Niphad Stray Dogs: नाशिक जिले के निफाड़ शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से त्रस्त स्थानीय लोगों और युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध (Niphad Stray Dogs) प्रदर्शन किया। प्रशासनिक लापरवाही से नाराज लोग बोरी में बंद आवारा कुत्तों के पिल्लों को लेकर सीधे नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी (चीफ ऑफिसर) की चैंबर में पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
चीफ ऑफिसर की टेबल पर छोड़े पिल्ले, नोटों की माला पहनाने का प्रयास
युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे के नेतृत्व में आक्रोशित नागरिक चार-पांच पिल्लों को बोरी में बंद कर निफाड़ नगर पंचायत के चीफ ऑफिसर धीरज भामरे के कार्यालय में दाखिल हुए। उन्होंने इन पिल्लों को निकालकर सीधे चीफ ऑफिसर की टेबल पर रख दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिकारी को नोटों की माला पहनाने की कोशिश की, जिसे लेकर कर्मचारियों और नेताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस हंगामे के बीच डरे हुए पिल्ले टेबल पर रखी फाइलों के बीच दुबक गए, जिन्हें बाद में कर्मचारियों ने बाहर निकाला।
नागरिकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर टेंडर प्रक्रिया पर ध्यान देने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोप लगाया कि शहर में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और वाहन चालक आवारा कुत्तों के कारण भारी मुसीबत में हैं और कई लोगों को कुत्ते काट भी चुके हैं। बार-बार लिखित शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नेताओं का कहना था कि नगर पंचायत के अधिकारियों का ध्यान जनहित की समस्याओं को सुलझाने के बजाय केवल टेंडर प्रक्रिया और भ्रष्टाचार पर केंद्रित है।
Yuva Sena district chief Vikram Randhave reportedly released 4–5 stray dogs inside the Niphad Nagar Panchayat chief officer’s office to protest the growing stray dog menace and alleged inaction by the civic body. 💀😭 pic.twitter.com/0wgQpHP00l
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) September 16, 2026
प्रशासन का आश्वासन और आगे की स्थिति
इस हाई-वोल्टेज हंगामे और घटना का वीडियो सामने आने के बाद, चीफ ऑफिसर धीरज भामरे ने स्थिति को संभालते हुए आश्वासन दिया है कि आवारा कुत्तों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही प्रभावी उपाय किए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
