Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी इलाके में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की परियोजना साइट पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा बनाई जा रही निर्माणाधीन सुरंग (DRT टनल) में गुरुवार शाम (Chamoli Tunnel Accident) अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इस दर्दनाक हादसे में सुरंग के अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए, जिनमें से अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश और राहत कार्य जारी है।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
यह दुर्घटना गुरुवार शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई। प्रोजेक्ट की 3.5 किलोमीटर लंबी इस सुरंग में लगभग 1.8 किलोमीटर भीतर ग्रेविटी पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अंदर एक कैविटी से अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और भारी मात्रा में पानी के साथ मलबा सुरंग में भरने लगा। इस अचानक हुए घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मजदूर मलबे और तेज पानी की चपेट में आ गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP), सेना और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबे में फंसे मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, रात में मलबा अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ बाधा आई थी, जिसे सुबह फिर से पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर दिया गया ताकि लापता मजदूरों को जल्द से जल्द खोजा जा सके।
#WATCH चमोली, उत्तराखंड: NDRF के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने कहा, “जब हमारी टीम यहां पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था, अभी तक पानी काफी भर गया है…हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से 4 शव निकाल चुके… https://t.co/x3jqcB2nkY pic.twitter.com/d0fYxfft9X
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 13, 2026
प्रशासन और सरकार की उच्चस्तरीय निगरानी
इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार और कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पल-पल की अपडेट मुख्यमंत्री तक पहुँचा रहे हैं। शासन-प्रशासन की टीमें घायलों के बेहतर इलाज और लापता मजदूरों की खोजबीन में जुटी हुई हैं।
