इतनी छोटी उम्र में आर प्रगणानंदाने दूसरी बार विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराकर भारत देश का नाम किया रोशन

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हमारे देश में कई सारे ऐसे बच्चे है की वो कम उम्र में ही भारत देश का नाम रोशन कर रहे है| शतरंज के खिलाड़ी 16 वर्षीय आर प्रज्ञानानंद ने इस साल दूसरी बार मैग्नस कार्लसन को हराकर मौजूदा चेसेबल मास्टर्स के पांचवें दौर में विश्व चैंपियन से बेहतर प्रदर्शन किया। इस साल की शुरुआत में, प्रज्ञानानंद ने कार्लसन को हराया था और अब तीन महीने की अवधि में, उन्होंने एक बार फिर नार्वे से बेहतर प्रदर्शन किया।

चेसेबल मास्टर्स एक 16-खिलाड़ियों का ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट है। कार्लसन और प्रज्ञानानंद के बीच मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था लेकिन कार्लसन ने अपने 40 वें मूव पर एक बड़ी गलती की और फिर अपने अगले कदम पर इस्तीफा दे दिया।

इससे पहले, प्रज्ञानानंद ने इस साल फरवरी में एयरथिंग्स मास्टर्स ऑनलाइन रैपिड टूर्नामेंट में कार्लसन से बेहतर प्रदर्शन किया था। आज उसने भारत देश का नाम रोशन करदिया है| इसे पहेले भी कई सारी मेच कम समय में जित कर अपने नाम कई सरे रिकॉर्ड बनाये है|

कौन हैं रमेशबाबू प्रगनानंद ?
वह महिला ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू के छोटे भाई हैं। उनके पिता, रमेशबाबू, तमिलनाडु स्टेट कॉर्पोरेशन बैंक में एक शाखा प्रबंधक के रूप में काम करते हैं। उनकी मां, नागलक्ष्मी, एक गृहिणी हैं।