महिला दिन : महिलाओं के प्रति वफादारी दिखाने का सिर्फ १ ही दिन क्यों है?

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नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पग तल में
पीयूष स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में

8 मार्च का दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस(International Women’s Day 2022) के रूप में मनाया जाता है. ये दिन महिलाओं के सम्मान में समर्पित है।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आते ही सिर्फ एक दिन के लिए महिलाओं का गुणगान करने उन्हें सम्मान देना और दूसरी ओर उनको छलना, और महिलाओं के साथ कपट भाव रखना, रास्ते चलते महिलाओं की छेड़छाड़ करना, स्त्री को लज्जित करना और शराब पीकर महिला से मारपीट करना यह सब लोगों के लिए दिन प्रतिदिन आम होता जा रहा है।

इससे अच्छा यही होगा कि हम महिला दिवस मनाना ही भूल जाए तो हम सबसे पहले हमें अपनी मां बहन बेटियों और बहू को नजरिया बदले और उन्हें हीन दृष्टि से देखना बंद करें। महिला दिवस मनाने का केवल यह मतलब नहीं है कि 1 दिन तो बहुत ऊंचे स्थान पर बैठा कर मान सम्मान दे दिया जाए और दूसरे ही दिन राह चलती लड़कियों से छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी जाए।यह सब शोभा नहीं देता है इसलिए अगर तो आप 1 दिन ना मनाओ या फिर पूरे साल उसकी इज्जत करो।

यहां युवा तो युवा लेकिन बुजुर्ग भी इन मामलों में पीछे नहीं है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि ए वालों का डॉल 3-5 साल की मासूम बच्चियों को भी अपना निशाना बनाने में कोई भी शर्म नहीं रखते। महिला दिवस सिर्फ एक दिन मनाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री मत कीजिए, महिला के मान-सम्मान के प्रति हर दिवस, हर पल सजग रहें ताकि किसी भी घर की बेटी, बहू या और कोई भी हो उसके साथ कुछ भी, कहीं भी गलत न हो सकें। इसके लिए पुरुषों को इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए, क्योंकि नारी सम्मान की बात घर से ही शुरू की जानी चाहिए ताकि बाकी भी इस सम्मान को बरकरार रखने में पूरी तरह सहयोग दे सकें।