मां लक्ष्मी का चमत्कारिक मंदिर जहां मां दिन में तीन बार बदलती है रंग, क्या है इसके पीछे का राज?

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हमारे देश में धन की देवी लक्ष्मी के कुछ ही मंदिर हैं, लेकिन जो भी मंदिर है, वह अपने आप में एक अद्भुत चमत्कार है।आज हम आपको मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित पचमठा मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां देवी लक्ष्मी की एक प्राचीन प्रतिमा स्थापित है जो दिन में तीन बार रंग बदलती है। इस मंदिर के बारे में कई अजीबोगरीब कहानियां भी हैं।इस मंदिर की स्थापना कहीं हजारों साल पहले हुई थी।

पचमठा मंदिर कई मायनों में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यहां वीरजीत माता लक्ष्मी की मूर्ति वर्षों पुरानी है। मंदिर का निर्माण गोंडवाना सरकार द्वारा अधारताल तालाब में किया गया था, जिसका नाम दीवान अधरसिंह के नाम पर रखा गया था, जो रानी दुर्गावती के विशेष मंत्री थे।

खा जाता है कि इस मंदिर में अभिजीत माता लक्ष्मी की एक बहुत प्राचीन मूर्ति है। जो 1 दिन में तीन बार रंग बदलती नजर आ रही है। सुबह उसका रंग सफेद, दोपहर में उसका रंग पीला हो जाता है और शाम होने तक उसका रंग भुरा हो जाता है।

पचमठा मंदिर के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। इस मंदिर का निर्माणकई हजार साल पहले हुआ था। यह मंदिर एक अनोखी तरह बनाया गया है। मंदिर के इंटीरियर में श्री यंत्र की काफी चर्चा होती है।

मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर की संरचना ऐसी है कि आज भी सूर्य की पहली किरण लक्ष्मी की प्रतिमा के चरणों पर पड़ती है। लोगों का कहना है कि सूर्य की किरणें रोज सुबह मां लक्ष्मी के चरण स्पर्श करती हैं।और मां का आशीर्वाद लेती है।