कोटा में दुर्गा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा! नाग-नागिन मंदिर के पास पलटी नाव, 4 युवक तेज बहाव में बहे

Kota Durga Visarjan: राजस्थान के कोटा शहर में मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। नाग-नागिन मंदिर के पास विसर्जन…

Kota Durga Visarjan: राजस्थान के कोटा शहर में मंगलवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। नाग-नागिन मंदिर के पास विसर्जन के लिए (Kota Durga Visarjan) गई एक नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में नाव पर सवार चार लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जबकि तीन लोगों को स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

नाव पर सवार थे 7 लोग, शाम करीब 5:30 बजे हुआ हादसा:
जानकारी के अनुसार, विज्ञान नगर के संजय नगर इलाके से कुछ बच्चे और लोग दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए कोटड़ी नहर पहुंचे थे। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे 7 लोग नाव पर सवार होकर विसर्जन के लिए नहर में उतरे थे। इसी दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बचाए गए लोग और लापता युवकों के नाम:
हादसे में डूबने वालों की पहचान केशु, गोलू, सुरेश और राहुल के रूप में हुई है, जो पानी के तेज बहाव में लापता हो गए हैं। वहीं, इस दुर्घटना में माला कंवर, दीपक और एक अन्य व्यक्ति (कुल तीन लोग) को आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद से लापता बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन:
हादसे की सूचना मिलते ही नगर निगम की गोताखोर टीम, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए नहर में पानी की आवक बंद करवा दी गई, जिससे बहाव धीमा हो सके। एसडीआरएफ के करीब 15 से 17 जवानों सहित पूरा बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।

अधिकारियों और मंत्रियों ने लिया स्थिति का जायजा:
घटना की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन को पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी जिला प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाने के आदेश दिए। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढना है।