Kolkata Durga Puja Pandal Accident: कोलकाता के ऐतिहासिक चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार की शाम एक भयानक त्रासदी में बदल गई। मां दुर्गा के दर्शन और उत्सव (Kolkata Durga Puja Pandal Accident) की रौनक देखने पहुंचे श्रद्धालुओं को शायद ही अंदाजा था कि यह शाम उनके लिए काल बन जाएगी। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें 13 महिलाएं और एक मासूम बच्चा शामिल है। इसके अलावा 25 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पंडाल प्रबंधन की लचर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
It’s too Scary 💔🫡
first time in my bloodlines , I hear Stampede in durga puja. Be Safe , Maa Durga Protect All. #Kolkata
Deeply saddened by the tragic stampede in Chorbagan Sarada park , North Kolkata, West Bengal. Mandap collapses during Durga festival. 22 dead in stampede. 32 injured, transferred to hospital.
Reports of chaos at the exit gate due to a massive crowd amid the rain.
Be Safe , it’s not to time panic.
— Purohit Says (@yashpurohitt) October 17, 2026
एक ‘अनाउंसमेंट’ से फैली दहशत बनी मौत का कारण
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद महिला ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। उनके मुताबिक, पंडाल का प्रवेश और निकास द्वार बहुत संकरा था और अंदर का रास्ता घुमावदार (स्पाइरल) बनाया गया था। आवाजाही में हो रही इसी परेशानी के बीच, जब भीड़ बेकाबू होने लगी तो लाउडस्पीकर से एक अनाउंसमेंट की गई कि “अत्यधिक भीड़ के कारण पंडाल गिर सकता है।” इस एक बेतुकी घोषणा ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए बदहवास भीड़ बाहर की तरफ भागने लगी, जिसने भीषण भगदड़ का रूप ले लिया।
Heart breaking visuals from Kolkata Stampede,😳
#KolkataStampede #KolkataNews
#Kolkata #kolkatapandal #DurgaAshtami https://t.co/vz7QUFjEA6— Neha (@NehaaBora) October 18, 2026
बच्चों के हाथों में थी व्यवस्था की कमान
चश्मदीद ने भीड़ प्रबंधन की घोर लापरवाही उजागर करते हुए बताया कि पंडाल में व्यवस्था संभालने के लिए छोटे बच्चों को वॉलंटियर बना दिया गया था। खौफजदा और बेकाबू भीड़ ने उन मासूमों की एक न सुनी और हालात नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो गए।
सीएम शुभेंदु अधिकारी का सख्त एक्शन, 7 आरोपी गिरफ्तार
हादसे के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और इस भीषण लापरवाही पर कड़ा रोष जताया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, तथा घायलों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने चोरबागान पंडाल के आसपास और सटे इलाकों में भीड़ जुटने पर पाबंदी लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे सघन पूछताछ जारी है। वहीं, प्रधानमंत्री ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है।
