जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं की पिटाई, ग्रामीणों ने खदेड़ा, विदेशी फंड के लगाए आरोप

Jaipur Government School Controversy: जयपुर के बगरू इलाके स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को लेकर इन दिनों भारी विवाद खड़ा हो गया है।…

Jaipur Government School Controversy: जयपुर के बगरू इलाके स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को लेकर इन दिनों भारी विवाद खड़ा हो गया है। स्कूल की (Jaipur Government School Controversy) जर्जर हालत और उसके ‘भैंसों के तबेले’ में संचालित होने के मुद्दे पर जायजा लेने पहुंचे CJP (सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) के कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें गांव से खदेड़ दिया और उनके खिलाफ धरने पर बैठ गए।

CJP कार्यकर्ता आशुतोष रांका के आरोप सीजेपी कार्यकर्ता आशुतोष रांका जब स्कूल पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना के बाद रांका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यह सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से भैंसों के तबेले में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पहले से मौजूद उनके साथियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट भी की। रांका ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा को यह तो मंजूर है कि बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ें, लेकिन स्कूल को ठीक कराने की कोशिश उन्हें बर्दाश्त नहीं है। यह बेहद शर्मनाक है।”

स्कूल की असल स्थिति और ग्रामीणों की परेशानी गांव में स्कूल की खस्ताहाल इमारत को लेकर पहले से ही भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है।

  • ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूल के लिए जमीन उनके दादाजी ने दान में दी थी और 1999 में इसका निर्माण हुआ था। इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। हालात इतने खराब हैं कि फिलहाल गांव के ही एक बड़े भवन में ग्रामीणों द्वारा दिए गए दो कमरों में करीब 20-30 बच्चों को दो शिक्षक पढ़ा रहे हैं। विष्णु के मुताबिक, बगरू विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने 9 लाख रुपये का बजट पास होने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।

CJP के विरोध का कारण ग्रामीणों ने स्कूल की बदहाली तो मानी, लेकिन CJP के हस्तक्षेप को खारिज कर दिया।

  • ग्रामीण राजेश कुमार शर्मा ने CJP कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक रोटियां सेंकने और विदेशी फंड जुटाने के उद्देश्य से स्कूल के मुद्दे का फायदा उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसे किसी भी बाहरी संगठन का विरोध करेंगे।

राजेश कुमार ने यह भी दावा किया कि सरकार की ओर से 12 लाख रुपये का बजट पास हो चुका है, लेकिन काम अटका हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द स्कूल का निर्माण नहीं कराती है, तो ग्रामीण अपने स्तर पर स्कूल बनाएंगे क्योंकि जमीन उनके बुजुर्गों की ही है। इसके अलावा, उन्होंने गांव का पोलिंग बूथ दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने पर भी आपत्ति जताई और सरकार से ध्यान देने की मांग की।

तनावपूर्ण माहौल फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीण अपनी मांगों और CJP के विरोध में धरने पर डटे हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सियासी हलचल भी तेज हो गई है।