गर्भवती महिला को हॉस्पिटल ले जाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया तो, ऐसा विचित्र जवाब मिला के…

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आप यह भी जानते हैं कि जब परिवार में या उसके आस-पास कोई बीमार हो जाता है, तो लोग 108 पर कॉल करते हैं, लेकिन अगर ऐसे ही समय पर 108 नहीं आती है तो क्या होगा? आज हम आपको ऐसा ही एक मामला बताने जा रहे हैं। झारखंड मैं ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अभी भी अच्छी नहीं है।

दूर के गांव में सड़को खराब होने के कारण अभी भी एंबुलेंस नहीं आती है।ऐसे समय में बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आज ऐसे ही एक मरीज को प्रसव पीड़ा हो रही थी। इसलिए वहां के लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन गांव की सड़क खराब होने से एंबुलेंस समय अनुसार ना पहुंच पाई।

हम लोग ने थोड़े दिन पहले सुना होगा कि बजट में 1 लाख 1 हजार 101 करोड़ का बजट स्वास्थ्य को दिया गया है और साथ ही साथ अस्पतालों को 200 बेड के अस्पतालों में अपग्रेड करने का आश्वासन भी दिया गया है।बिजली सड़क स्वास्थ्य शिक्षा में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोड़ दिया गया है।

इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है लेकिन थोड़े ही दिन के बाद आपको यह मामला जानने को मिला।गांव के लोगों ने यह फैसला लिया है कि वह सभी अपने गांव के मुखिया को जाकर इस हादसे के बारे में बताएंगे और उनसे सड़क बनवाने की मांग भी करेंगे।