त्योहारी सीजन से पहले सोना-चांदी हुआ सस्ता! रुपये की बंपर मजबूती से गोल्ड 1.5 लाख के नीचे

Gold Silver Rate: त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है और सोने-चांदी की कीमतों में आ रही नरमी से यह साफ है कि इस बार…

Gold Silver Rate: त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है और सोने-चांदी की कीमतों में आ रही नरमी से यह साफ है कि इस बार कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल आने (Gold Silver Rate) की संभावना कम है। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों के 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने और रुपये की चाल से आने वाले दिनों में सोने और चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

वर्तमान में निवेशकों की नजरें सबसे पहले चीन के आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं, जो औद्योगिक धातुओं और चांदी के लिए काफी अहम माने जाते हैं। इसके बाद अमेरिका के आवास संबंधी आंकड़े, उपभोक्ता धारणा, महंगाई की उम्मीदों और भारत, ब्रिटेन व अमेरिका जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर सबकी नजर रहेगी।

सीमित दायरे में रहेगा बाजार: ब्रोकरेज फर्म
ब्रोकरेज मंच लेमॉन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने बताया कि इस सप्ताह कीमतों में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर इसके असर से बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी, जिससे सोने और चांदी में हलचल जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल के 110 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ने से ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है, जो सोने-चांदी की तेजी को सीमित कर सकती है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से इन कीमती धातुओं को कुछ हद तक सपोर्ट मिल सकता है।

एमसीएक्स पर सोने-चांदी की मौजूदा स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह 3,581 रुपये यानी 2.4 फीसदी की गिरावट के साथ 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 14,568 रुपये यानी 6.4 फीसदी टूटकर 2.11 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। गर्ग ने स्पष्ट किया कि रुपये में आई मजबूती के चलते घरेलू बाजार में सोने का भाव 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों का अंतर बढ़ गया है।

कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुद्रा (करेंसी) में आया बदलाव रहा है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय रुपया 96.8 के स्तर से मजबूत होकर 94.8 के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपये में 180 पैसे से अधिक की मजबूती देखने को मिली। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप और कारोबारियों द्वारा डॉलर की बिकवाली के सौदे घटाने की अहम भूमिका रही। रुपये के मजबूत होने से सोने की आयात लागत कम हो गई है, जिसके चलते घरेलू बाजार में सिर्फ चार सत्रों के दौरान सोने की कीमत 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा गिर गई। यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के मुकाबले करीब पांच गुना ज्यादा थी।

चांदी में भी सुस्ती और आगे का रुख
चांदी की चाल को लेकर जानकारों का मानना है कि ब्याज दरों और आर्थिक वृद्धि को लेकर बनी चिंताओं का इस पर गहरा असर पड़ा है, जिसके कारण इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने बताया कि निचले स्तर पर बिकवाली के सौदे काटने और फ्रेश खरीदारी लौटने के कारण बाजार में संभलने का रुख भी देखा गया है, लेकिन कुल मिलाकर निवेशकों की नजरें वैश्विक संकेतों और मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा पर बनी हुई हैं।