Sagar Poisonous Liquor Case: सागर जिले के बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत होने की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप (Sagar Poisonous Liquor Case) मच गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की है, और सभी मृतक बंडा क्षेत्र के बराज गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
प्रशासनिक हलचल और जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में तीव्र हलचल मच गई है। सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अधीनस्थ अमला तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने मौके का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि मौतों की वास्तविक वजह और जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाया जा सके।
आबकारी विभाग की बड़ी लापरवाही
इस दर्दनाक हादसे के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बहुत गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में शहर के एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने ‘बांबे व्हिस्की’ के नाम से बाजार में धड़ल्ले से बिक रही नकली शराब की शिकायत आबकारी कार्यालय में दर्ज कराई थी, लेकिन इस बेहद गंभीर शिकायत पर विभाग की तरफ से कोई भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
VIDEO | Madhya Pradesh: Nine people died after allegedly consuming spurious liquor in Sagar district.
District Magistrate Pratibha Pal says, “There have been reports of illnesses and deaths allegedly caused by the consumption of illicit liquor since morning, and an investigation… pic.twitter.com/R7JV5Tzoxv
— Press Trust of India (@PTI_News) September 6, 2026
ठेकेदारों की चेतावनी को किया नजरअंदाज
इस बड़े हादसे से महज चार दिन पहले ही आबकारी विभाग की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान लाइसेंसी ठेकेदारों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया, जिसका नतीजा आज मासूम लोगों की जान जाने के रूप में सामने आया है।
