महाविनाश के बाद खौफ: नेपाल में अपनों की पहचान के बिना ही दी जाएगी अंतिम विदाई, 579 शवों के मिलने से हाहाकार

Nepal Flood Latest News: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच अब तक 579…

Nepal Flood Latest News: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच अब तक 579 से अधिक शव बरामद (Nepal Flood Latest News) किए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, जिसके कारण उनके अंतिम संस्कार में देरी हो रही है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच शव तेजी से खराब होने लगे हैं और प्रभावित इलाकों में दुर्गंध फैलने लगी है।

शवों के सड़ने से संक्रमण और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए नेपाल सरकार अब बिना पहचान वाले शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रही है। हालांकि, प्रत्येक अज्ञात शव का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविष्य में पहचान होने पर परिजनों को जानकारी दी जा सके।

चितवन में मिले 178 शव
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में चितवन भी शामिल है। जिले में अब तक 178 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 74 पुरुष, 41 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल हैं। बच्चों में 6 लड़के और 2 लड़कियां बताई गई हैं।

सुरक्षाकर्मी अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और शव मिलने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे प्रशासन के सामने शवों के सुरक्षित प्रबंधन की चुनौती और बढ़ गई है।

अस्पताल में जगह नहीं, सरकारी कार्यालय में रखे जा रहे शव
चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्यल के मुताबिक, लगातार चल रहे खोज एवं बचाव अभियान के बीच शवों का सुरक्षित प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अस्पतालों में शव रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है, जिसके चलते कुछ शवों को सरकारी कार्यालय में रखा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, हाल में बरामद किए गए कई शव तेजी से खराब होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। जिस कमरे में पहचान के लिए शव रखे गए हैं, वहां से दुर्गंध आने लगी है। इससे आसपास के इलाकों में संक्रमण और महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।

सरकार बना रही है शवों के त्वरित निस्तारण की रणनीति
संभावित स्वास्थ्य संकट को देखते हुए नेपाल का गृह मंत्रालय प्रभावित जिलों के प्रशासन के साथ मिलकर शवों के त्वरित और सुरक्षित प्रबंधन की योजना तैयार कर रहा है।

गृह मंत्रालय की उप प्रवक्ता रमा आचार्य सुबेदी के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी जैसे प्रभावित जिलों से लगातार शव बरामद हो रहे हैं। सरकार इस पर विचार कर रही है कि शवों का अंतिम संस्कार स्थानीय स्तर पर ही किया जाए या उन्हें काठमांडू लाकर प्रक्रिया पूरी की जाए।

सरकार का उद्देश्य शवों का जल्द से जल्द उचित तरीके से निस्तारण करना है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

सीमित संसाधन बनी बड़ी चुनौती
नेपाल के महामारी विज्ञान और रोग नियंत्रण विभाग ने भी मौजूदा परिस्थितियों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। विभाग के निदेशक डॉ. अनुज भट्टाचन के अनुसार, शवों की पहचान होने तक उन्हें सुरक्षित तापमान पर रखना बेहद जरूरी है।

हालांकि, अचानक बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण मौजूदा कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेशन सुविधाएं पर्याप्त नहीं पड़ रही हैं। सीमित संसाधनों के चलते प्रशासन के सामने शवों को सुरक्षित रखने और उनकी पहचान कराने की चुनौती लगातार बढ़ रही है।

धाडिंग के शव काठमांडू और पोखरा भेजे गए
रेफ्रिजरेशन क्षमता की कमी को देखते हुए धाडिंग में बरामद किए गए कुछ शवों को काठमांडू और पोखरा स्थानांतरित किया गया है। इसका उद्देश्य शवों को सुरक्षित परिस्थितियों में रखना और उनकी पहचान की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा करना है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता शवों का सुरक्षित प्रबंधन, पहचान और आवश्यक नमूनों को संरक्षित करना है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को कम करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

अज्ञात शवों का डीएनए सैंपल रखा जाएगा सुरक्षित
नेपाल सरकार की योजना के तहत जिन शवों की तत्काल पहचान नहीं हो सकेगी, उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, लेकिन उससे पहले उनके डीएनए नमूने सुरक्षित रखे जाएंगे। इससे भविष्य में किसी व्यक्ति के लापता परिजन से डीएनए मिलान कर पहचान की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है।बाढ़ के बाद जारी राहत एवं बचाव अभियान के बीच प्रशासन के सामने एक साथ कई चुनौतियां हैं। एक ओर लापता लोगों की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर बरामद हो रहे शवों की पहचान, सुरक्षित रखरखाव और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना जरूरी हो गया है। फिलहाल नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण और महामारी के संभावित खतरे को रोकने के लिए शवों के त्वरित प्रबंधन पर जोर दे रहे हैं।