श्रीगंगानगर का ‘ज़ॉम्बी’ वीडियो निकला फर्जी: प्रतिबंधित कैप्सूल खाकर नाटक करने वाले 2 युवक हिरासत में

Zombie Drug Viral Video: राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘ज़ॉम्बी ड्रग्स’ के वायरल वीडियो मामले में नया खुलासा हुआ…

Zombie Drug Viral Video: राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘ज़ॉम्बी ड्रग्स’ के वायरल वीडियो मामले में नया खुलासा हुआ है। राजस्थान के श्रीगंगानगर (Zombie Drug Viral Video) की कोतवाली थाना पुलिस ने इस वीडियो से जुड़े दो युवकों को मंगलवार रात हिरासत में ले लिया है। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) हरी शंकर ने इस वीडियो के श्रीगंगानगर का होने से साफ इनकार किया था।

मुख्य बिंदु:

  • हिरासत में लिए गए युवक: कोतवाली थाना क्षेत्र की भांभू कॉलोनी निवासी योगेश (30) और जोगिंदर (27)।

  • नाटक का खुलासा: प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों युवकों ने प्रतिबंधित ‘प्रेगाबालिन’ (Pregabalin) कैप्सूल खाकर ज़ॉम्बी जैसी हालत में होने का नाटक किया था और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

  • कहां बना था वीडियो: यह वीडियो 7 अगस्त की सुबह 11:01 बजे श्रीगंगानगर के जस्सा सिंह मार्ग स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास शूट किया गया था (वीडियो में पेट्रोल पंप स्पष्ट दिख रहा है)।

सांसद के ट्वीट और पंजाब पुलिस के दावे से बढ़ा विवाद इस वीडियो को सबसे पहले हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा के एक युवक ने पंजाबी गाने के साथ इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवक एक जगह सुन्न और अजीबोगरीब हालत में खड़े नजर आ रहे थे। मामले ने तब तूल पकड़ा जब राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। इसके जवाब में पंजाब पुलिस ने दावा किया कि यह वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का है।

हालांकि, मंगलवार दोपहर श्रीगंगानगर के एसपी हरी शंकर ने जिले में ऐसी किसी भी गतिविधि से इनकार करते हुए वीडियो का खंडन किया था। लेकिन बाद में कोतवाली पुलिस की जांच में वीडियो की सच्चाई सामने आ गई।

युवक का कबूलनामा: ‘सिर्फ कैप्सूल खाता हूँ, इंजेक्शन नहीं’ पूछताछ के दौरान आरोपी योगेश ने बताया, “मैं 300 MG के प्रेगाबालिन कैप्सूल खाता हूँ, इसके अलावा और कुछ नहीं लेता। मैं और मेरा साथी मिट्टी की ट्रॉली भरने के लिए मजदूरी पर गए थे। उस समय हमने कैप्सूल खा रखे थे और फिर उसी हालत में हमने ऐसा करते हुए वीडियो बना लिया।” उसने यह भी दावा किया कि वह ‘चिट्टा’ (हेरोइन) या इंजेक्शन लेने वाले नशेड़ियों से दूर रहता है।

फिलहाल स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समाज में भ्रम और भय फैलाने के पीछे उनका मुख्य मकसद क्या था।