भिवंडी में खराब सड़कों का कहर, अस्पताल ले जाते समय महिला ने रास्ते में ऑटो में दिया बच्चे को जन्म

Bhiwandi News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर से एक हैरान करने वाली और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है।…

Bhiwandi News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर से एक हैरान करने वाली और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है। शहर की जर्जर सड़कों और बड़े-बड़े (Bhiwandi News) गड्ढों के कारण एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने से पहले ही ऑटो-रिक्शा में प्रसव (डिलीवरी) के लिए मजबूर होना पड़ा। गनीमत यह रही कि जज्बे और किस्मत से मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

क्या है पूरा मामला?
भिवंडी के अजमेर नगर की रहने वाली वर्षा कमलेश यादव को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत उन्हें भिवंडी उप-जिला अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो-रिक्शा किया, ताकि समय पर इलाज मिल सके। लेकिन भिवंडी की बदहाल सड़कों और जगह-जगह फैले गड्ढों ने परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं।

सड़कों की खराब हालत के कारण ऑटो चालक को वाहन बेहद धीमी गति से चलाना पड़ा। रास्ते में लगातार लगे झटकों और भारी ट्रैफिक-गड्ढों की वजह से वर्षा की पीड़ा और बढ़ गई।

5 मिनट का सफर तय करने में लगे 45 मिनट
परिजनों के मुताबिक, अजमेर नगर से उप-जिला अस्पताल की दूरी सामान्य दिनों में केवल 5 से 10 मिनट में तय हो जाती है। लेकिन सड़कों की जर्जर हालत और गड्ढों के कारण इस छोटे से सफर को तय करने में आधा से पौना घंटा (लगभग 45 मिनट) का समय लग गया।

अत्यधिक देरी और रास्ते के झटकों के कारण कल्याण नाका परिसर के पास ही वर्षा ने ऑटो-रिक्शा में बच्चे को जन्म दे दिया। इसके तुरंत बाद मां और नवजात शिशु को भिवंडी उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि दोनों की हालत पूरी तरह स्थिर और सुरक्षित है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने भिवंडी की सड़क व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का आक्रोश: नागरिकों का कहना है कि शहर की खराब सड़कें रोजाना हादसों, भीषण जाम और आम जनता की परेशानियों का मुख्य कारण बन रही हैं।

बरसात में बढ़ी मुश्किलें: लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या और भी विकराल हो जाती है, लेकिन समय पर मरम्मत न होने के कारण आम नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।