BIG BREAKING: RBI का एक और झटका – लगातार दूसरे महीने रेपो रेट में 0.50% की बढ़ोतरी, महंगा हुआ लोन 

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मुद्रास्फीति कई साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के साथ, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को रेपो दर में वृद्धि की घोषणा की। रेपो रेट अब 0.50 फीसदी बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है। करीब एक महीने में रेपो रेट में यह लगातार दूसरी बढ़ोतरी है।

RBI ने बढ़ाया रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में मंदी और गति को महसूस किया गया है और इसका असर भारतीय बाजारों में भी महसूस किया जा रहा है। देश में महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। कमोडिटी बाजार में भी गिरावट देखने को मिल रही है। मौद्रिक नीति नियम पुस्तिका के अनुसार काम नहीं करती है।

महंगाई के चलते RBI के पास नहीं है कोई विकल्प
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज मौद्रिक नीति समिति की जून की बैठक के बाद रेपो दर में वृद्धि की घोषणा की। RBI की मौद्रिक समिति की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से चल रही थी। और आज पूरा हुआ। इस वित्तीय वर्ष में आरबीआई एमपीसी की यह तीसरी बैठक थी। बैठक में राज्यपाल दास की अध्यक्षता में समिति के पांच सदस्यों ने मुद्रास्फीति की वास्तु स्थिति और आर्थिक विकास पर चर्चा की। बढ़ती महंगाई को देखते हुए समिति के सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि फिलहाल रेपो रेट बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

आपकी ईएमआई होगी महंगी
RBI ने लगातार दूसरे महीने रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया है। RBI की मौद्रिक नीति बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि आरबीआई ने रेपो दर को 4.40 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.90 प्रतिशत कर दिया है और रेपो दर में 50 आधार अंकों की वृद्धि की है। यानी एक महीने में रेपो रेट में अब 90 बेसिस प्वाइंट का इजाफा हो गया है। आरबीआई के फैसले के बाद होम लोन से लेकर कार लोन और एजुकेशन लोन तक सब कुछ महंगा होना तय है। वहीं, जिन लोगों ने पहले ही होम लोन ले रखा है, उनकी ईएमआई और महंगी हो जाएगी।

बढ़ती महंगाई पर RBI गवर्नर ने जताई चिंता
RBI गवर्नर ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति की समस्याओं के कारण मुद्रास्फीति बढ़ी है। कोविड महामारी के बाद भी RBI अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कदम उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों में मंदी आई है और इसका असर भारतीय बाजारों में भी महसूस किया जा रहा है। देश में महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। कमोडिटी बाजार में भी गिरावट देखने को मिल रही है।