सडको पर फुल बेचकर कठिन समय में की मेहनत, आज अमेरिकन यूनिवर्सिटी से करेगी पीएचडी

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मन पक्का हो तो उसका हर सपना सच हो जाता है कुछ ऐसा ही सामने आया है मुंबई से, जहां सड़क पर फूल बेचने वाली एक लड़की ने बचपन में ही तय कर लिया था कि उसे इन मुश्किलों से पार पाना है और जिस ऊंचाई तक पहुंचना है, उसे हासिल करना है.

मुंबई की सात वर्षीय सरिता माली अपने पिता के साथ मुंबई की सड़कों पर फूल बेचती हैं और अब वह एक शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालय से पीएचडी करेंगी।उन्हें जल्द ही पीएचडी की पढ़ाई के लिए कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।

“मुझे लगता है कि हर किसी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं,” उसने कहा। सबकी अपनी-अपनी कहानी-दर्द है। लेकिन में अपना जीवन शांति से गुजार रही हु|

त्योहारों के दौरान, वह अपने पिता के साथ गलियों में फूल बेचती थी, खासकर गणेश चतुर्थी, दिवाली और दशहरा जैसे बड़े त्योहारों पर। वह स्कूल के दिनों से अपने पिता के साथ ऐसा करती रही है। लेकिन सरिता ने कभी हार नहीं मानी।

लॉकडाउन के कारण, उनके पिता उनके गृहनगर बदलापुर, जौनपुर, यूपी चले गए। सरिता ने बीए के पहले वर्ष में जेएनयू की तैयारी शुरू कर दी थी, अब उनका चयन कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, यूएसए में पीएचडी के लिए किया गया है। आज वो कह रही है की मेने जब फुल बेचना शरु किया था तब कई लोग मेरा ,मजाक उड़ा रहे थे लेकिन आज में उन सभी लोगो को मेरे से पीछे देखती हु|