दुसरे क्या उम्मीद करे? प्रधानमंत्री मोदी का भतीजा क्रिनेश भी एम्बेसी से बचाने की मदद मांग रहा, लेकिन नही मिला जवाब

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रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस की यूक्रेन पर बमबारी मंगलवार को छठे दिन भी जारी रही। वर्तमान में, यूक्रेन-रूस आक्रमण शुरू हो गया है और भारतीय छात्र यूक्रेन छोड़ रहे हैं। यूक्रेन के साथ सीमा पर, भारतीय छात्र पोलैंड, रोमानिया जैसे ठंडे देशों में प्रवेश पाकर भारत आने की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, छात्र भी कह रहे हैं कि भारतीय छात्रों को यूक्रेनी सैनिक जानबूझकर परेशान कर रहे हैं।

पोलैंड पहुंचे एक भारतीय छात्र का कल त्रिशूल न्यूज के एक संवाददाता ने साक्षात्कार कीया जिसमें उसने बिना किसी डर के साफ़ शब्दों के कहा कि यूक्रेन द्वारा भारत को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। भारत के छात्रों को लाइन से निकाल दिया जाता है, भले ही दिन में सीमा पार करने की उनकी बारी होती है और रात में सीमा पार करने के लिए मजबूर किया जाता है। जिससे छात्रों को ठंड में परेशान होना पड़ रहा है।

इसके अलावा, खाद्य आपूर्ति में भेदभाव किया जाता है। भोजन यूक्रेनी सेना और उसके संगठनों द्वारा परोसा जा रहा है। इसमें सबसे पहले अपने नागरिकों और दूसरे देशों के नागरिकों को प्राथमिकता दी जा रही है और अगर भोजन बचता है तो भारतीय छात्रों को दिया जाता है। लेकिन इस बचे हुए भोजन से भी भारतीय छात्रों को कोई लाभ नहीं हुआ।

क्रिनेश मोदी से मिली जानकारी के अनुसार बीती देर रात तक प्रधानमंत्री मोदी के पारिवारिक भतीजे क्रिनेश मोदी सीमा पार नहीं कर पाए हैं. उन्होंने भारतीय दूतावास को ईमेल भी किया है. जिसके स्क्रीन शॉट भी यह रख रहा हु। जिसमें वह अपना हाल बता रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री मोदी के भतीजे हैं। वह 48 घंटे से बिना पानी और भोजन के परेशान हो रहा है।

त्रिशूल न्यूज के एक संवाददाता ने कल देर रात उनसे आखिरी बार संपर्क किया था और संकेत दिया था कि क्रिनेश मोदी 1 मार्च की रात को सीमा पार करेंगे। यूक्रेनी आर्मी भारत से बदला ले रही है. राहत कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन पोलैंड में यूक्रेन से आने वाले छात्रों को भी सीमा के पास होटल व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ दिक्कतों के बाद होटल मिल रहे हैं.