30 हजार के लिए मासूम से दरिंदगी: जान बचाकर भागी लड़की ने खोला हैदराबाद सेक्स रैकेट का खौफनाक राज!

Hyderabad Minor Trafficking Case: हैदराबाद में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक नाबालिग लड़की के साथ तस्करी,…

Hyderabad Minor Trafficking Case: हैदराबाद में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक नाबालिग लड़की के साथ तस्करी, दुष्कर्म और (Hyderabad Minor Trafficking Case) उसे जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेलने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से 6 मोबाइल फोन व अपराध में प्रयुक्त ऑटो भी जब्त किया है।

30 हजार रुपये में किया गया था सौदा
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी शेख आतिफ ने एक सोची-समझी साजिश के तहत 2 सितंबर को नाबालिग को तोलीचौकी से ऑटो में बैठाया और अत्तापुर ले जाकर आफरीन उर्फ सना और समरीन बेगम नाम की दो महिलाओं को सौंप दिया। इन महिलाओं ने पीड़िता को खाने और रहने का लालच देकर साबिया बेगम के हवाले कर दिया, जो अत्तापुर में पिलर नंबर 200 के पास सेक्स रैकेट के अड्डे की मुख्य संचालिका है। साबिया ने पीड़िता को खरीदने के एवज में आतिफ, सना और समरीन को 30,000 रुपये दिए थे, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। इसके बाद नाबालिग को जबरन वेश्यावृत्ति में झोंक दिया गया, जहां कई लोगों ने उसका यौन शोषण किया।

जान बचाकर घर लौटी पीड़िता और दर्ज कराई शिकायत
बीती 5 अक्टूबर को पीड़ित नाबालिग किसी तरह अपनी जान बचाकर अत्तापुर स्थित उस सेक्स रैकेट के ठिकाने से अपने घर वापस लौटी। घर लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद तोलीचौकी पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। इस गंदे धंधे में ग्राहकों को लाने और अन्य गतिविधियों में मदद करने वाले चार अन्य आरोपी—मोहम्मद हाजीमिया, मो. नदीम, मो. कैफुद्दीन और अली बिन अकरम भी शामिल थे।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने 9 अक्टूबर को सभी 8 आरोपियों (शेख आतिफ, साबिया बेगम, मोहम्मद हाजीमिया, आफरीन उर्फ सना, समरीन बेगम, मो. नदीम, मो. कैफुद्दीन और अली बिन अकरम) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। इस गंभीर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पोक्सो (POCSO) अधिनियम और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (ITPA) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गोलकुंडा जोन के डीसीपी जे. राघवेन्द्र रेड्डी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।