धोनी की जिस फॉर्मूला से बनाया भारत चैंपियन, वो  5-2-4 की फॉर्मेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन करेगी टीम इंडिया

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टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 16 अक्टूबर से हो रही है और टीम इंडिया का पहला मुकाबला पाकिस्तान से है. ऐसे में रोहित शर्मा खास रणनीति के साथ मैदान में उतरने की कोशिश करेंगे। टीम टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं लेकिन इस बीच टीम इंडिया अपने खिलाड़ियों के चोटिल होने से परेशान है. पहले रवींद्र जडेजा पिंडली की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए और इसके बाद टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया। इस वजह से उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज से भी बाहर कर दिया गया था। और अब उनका टी20 वर्ल्ड कप में खेलने का भी कार्यक्रम नहीं है। इससे ऑस्ट्रेलिया में होने वाले इस बड़े आईसीसी टूर्नामेंट टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के सामने कई चुनौतियां बढ़ गई हैं.

महेंद्र सिंह धोनी की चाल को अपनाना होगा
हालांकि इन सबके बावजूद टीम इंडिया अभी भी विश्व कप जीतने की प्रबल दावेदारों में से एक है। हर टीम में से भारत को टी20 फॉर्मेट में सबसे मजबूत टीम माना जाता है। खिलाड़ी भले ही चोटिल हों लेकिन टीम इंडिया चैंपियन बन सकती है। टीम इंडिया को इस मैच को जीतने के लिए ये रणनीति अपनानी होगी जिसे साल 2007 में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी अपनाया था।

5-2-4 रणनीति चैंपियन बनने के लिए
भारतीय क्रिकेट टीम पिछले काफी समय से बुरे दौर से गुजर रही है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले कई खिलाड़ियों को टीम में मौका दिया गया था और इसके लिए 15 खिलाड़ियों का चयन किया गया है. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप इसी महीने 16 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। टीम इंडिया का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेला जाएगा और पहले ही मैच में टीम इंडिया का कड़ा मुकाबला होने वाला है. ऐसे में रोहित शर्मा खास रणनीति के साथ मैदान में उतरने की कोशिश करेंगे और 5-2-4 की रणनीति भी देख सकते हैं।

कप्तान कैसे रणनीति बनाएगा
5-2-4 के इस फॉर्मूले के मुताबिक टीम की प्लेइंग इलेवन में पांच बल्लेबाज, दो ऑलराउंडर और चार गेंदबाज शामिल हैं। और इस संयोजन के अनुसार, रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत/दिनेश कार्तिक का भारतीय टीम के अंतिम एकादश में बल्लेबाज के रूप में खेलना निश्चित है। इसके साथ ही टीम इंडिया ऑलराउंडरों में हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल पर भरोसा कर सकती है और गेंदबाजी विकल्प के तौर पर टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल का संयोजन हो सकता है।

2007 विश्व कप में धोनी ने 5-2-4 की रणनीति अपनाई थी
साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी और उस समय धोनी ने इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की नई टीम के साथ ये शानदार कॉम्बिनेशन बनाया था. इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन ने 5-2-4 रणनीति का इस्तेमाल कर यह खिताब अपने नाम किया।