needle in abdomen: कभी-कभी शरीर में होने वाली छोटी-सी परेशानी के पीछे ऐसी चौंकाने वाली वजह छिपी होती है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। ऑस्ट्रेलिया के जॉन हंटर अस्पताल में एक ऐसा ही अनोखा मामला सामने आया, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। यहाँ एक 50 वर्षीय महिला (needle in abdomen) अचानक तेज पेट दर्द की शिकायत लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुँची। डॉक्टरों ने जब उसकी मेडिकल जाँच की, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि महिला के पेट के अंदर करीब 4 सेंटीमीटर लंबी सिलाई वाली सुई फँसी हुई थी। हैरानी की बात यह थी कि महिला को खुद इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह नुकीली सुई उसके शरीर के अंदर कैसे पहुँची।
अस्पताल में शुरुआती जाँच और सीटी स्कैन का खुलासा
दर्द से परेशान महिला जब अस्पताल पहुँची, तो डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक परीक्षण किया। पेट छूने पर उसे हल्का दर्द हो रहा था और उसकी दिल की धड़कन (हार्ट रेट) भी असामान्य रूप से बढ़कर लगभग 130 बीट प्रति मिनट तक पहुँच चुकी थी। हालांकि, शुरुआती ब्लड टेस्ट में कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई, इसलिए डॉक्टरों ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए सीटी स्कैन (CT Scan) करने का फैसला किया। स्कैन की रिपोर्ट में पेट के बाईं तरफ लगभग 4 सेंटीमीटर लंबी धातु की एक वस्तु स्पष्ट दिखाई दी, हालाँकि उस समय किसी अंग को नुकसान पहुँचने या गंभीर सूजन के संकेत नहीं मिले थे।
दर्द का घटना, दोबारा लौटना और एक पुरानी बात का याद आना
रातभर अस्पताल की निगरानी में रहने के बाद जब महिला का दर्द कम हुआ, तो डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी और चेतावनी दी कि दर्द दोबारा होने पर तुरंत वापस आए। हुआ भी ऐसा ही, अगले ही दिन तेज दर्द उठने पर वह फिर अस्पताल पहुँची। इस बार एक्स-रे कराने पर पता चला कि पेट के भीतर मौजूद वह मेटल ऑब्जेक्ट अपनी जगह से आगे खिसक चुका है। तभी महिला के दिमाग में एक पुरानी बात स्ट्राइक की—उसने बताया कि घटना से कुछ समय पहले वह सिलाई का काम कर रही थी और काम करते-करते उसे नींद आ गई थी। उसे शक हुआ कि शायद सोते वक्त वह गलती से सुई पर लेट गई थी, और सुई बिना अहसास के उसकी त्वचा के रास्ते शरीर के अंदर चली गई।
बढ़ता खतरा और डॉक्टरों द्वारा सर्जरी का फैसला
डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह था कि पेट के अंदर घूम रही वह नुकीली सुई लगातार अपनी जगह बदल रही थी। अगर यह सुई और आगे बढ़ती, तो उसकी आंतों या मुख्य रक्त धमनियों (Blood Vessels) को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती थी, जिससे अंदरूनी ब्लीडिंग या खतरनाक संक्रमण का भारी जोखिम था। इस जोखिम को टालने के लिए डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (छोटे चीरे द्वारा की जाने वाली सर्जरी) का सहारा लेने का निर्णय लिया ताकि पेट को बड़े पैमाने पर काटे बिना सुरक्षित तरीके से सुई को बाहर निकाला जा सके।
ऑपरेशन: चर्बी वाले खास टिश्यू में फंसी थी सुई
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को छोटी आंत के पास हल्का खून जमा हुआ मिला, लेकिन सुई को ढूँढना आसान नहीं था। आखिरकार, एक्स-रे की कई तस्वीरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से सुई की सटीक लोकेशन का पता चल गया। वह सुई पेट के अंगों के चारों ओर मौजूद चर्बी की एक खास परत यानी ‘ग्रेटर ओमेंटम’ (Greater Omentum) में फँसी हुई थी, जो कि बड़ी आंत के बेहद करीब थी। डॉक्टरों ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए बिना किसी अन्य अंग को नुकसान पहुँचाए उस सुई को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
सफल रिकवरी और डॉक्टरों की चेतावनी
ऑपरेशन के सफल होने के बाद महिला को अगले ही दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालाँकि, बाद में उसकी नाभि के आसपास हल्का संक्रमण (Infection) जरूर देखा गया, जिसे डॉक्टरों द्वारा दी गई एंटीबायोटिक दवाओं से पूरी तरह ठीक कर लिया गया। इस अनोखे मामले के आधार पर मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने यह चेतावनी दी है कि शरीर के भीतर पहुँचने वाली नुकीली वस्तुएँ अपनी जगह बदल सकती हैं, जो आंतों में छेद, गंभीर संक्रमण और नसों को नुकसान जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती हैं। इसलिए ऐसी किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।
