Central GST Officer Bribe: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय सदन में कार्यरत केंद्र सरकार के एक कर्मचारी (Central GST Officer Bribe) को लोकायुक्त टीम ने 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती को दर्शाती है।
झूठी शिकायत को बंद करने के एवज में मांगी थी घूस
बेंगलुरु शहर की लोकायुक्त टीम ने प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन (PC) एक्ट, 1988 की धारा 7A के तहत यह कार्रवाई की है। आरोपी की पहचान सेंट्रल GST, साउथ डिवीजन-4 के सुपरिटेंडेंट मोहित प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो केंद्रीय सदन, कोरमंगला में कार्यरत थे। उनके साथ सलमान शेख नामक एक बिचौलिए को भी पकड़ा गया है। पीड़ित सैयद जमीर के खिलाफ दर्ज एक झूठी शिकायत को बंद करने के बदले में 8 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर विजया कृष्णा और उनकी टीम ने ट्रैप बिछाकर रंगे हाथों पकड़ लिया।
🚨 GST officer caught on camera taking an ₹8 lakh bribe in Bengaluru.
Please don’t judge him. Maybe the salary wasn’t enough for a luxury lifestyle. 🤷♂️ pic.twitter.com/XNcV0vOAkL
— Gems (@gemsofbabus_) September 18, 2026
धारवाड़ में तहसीलदार भी 50 लाख की घूस लेते गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को भी कर्नाटक लोकायुक्त ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। लोकायुक्त अधिकारियों ने धारवाड़ के तहसीलदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया, जिसे कर्नाटक का अब तक का सबसे बड़ा रिश्वतखोरी का मामला माना जा रहा है। तहसीलदार ने 33 एकड़ जमीन के मालिकाना हक के कागजात बदलने के लिए कुल 1 करोड़ रुपये और 1 एकड़ जमीन की मांग की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में यह रकम ली जा रही थी।
