कानपुर की VIP सड़क ने दिया 18 फीट गहरे मुफ्त ‘स्विमिंग पूल’ का तोहफा

Kanpur Road Collapse: कानपुर के जाजमऊ इलाके में तेज बारिश के बीच सड़क धंसने से एक बड़ा हादसा टल गया, हालांकि इससे इलाके में हड़कंप…

Kanpur Road Collapse: कानपुर के जाजमऊ इलाके में तेज बारिश के बीच सड़क धंसने से एक बड़ा हादसा टल गया, हालांकि इससे इलाके में हड़कंप मच गया है। सरिया चौराहे के (Kanpur Road Collapse) पास जाजमऊ से वीआईपी सर्किट हाउस जाने वाली सड़क अचानक धंसने से करीब 3 मीटर चौड़ा और 18 फीट गहरा विशाल गड्ढा बन गया। इस गड्ढे में बारिश का पानी तेजी से भरने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई।

यह घटना तब हुई जब क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही थी। करीब 11 बजे सरिया चौराहे के पास सड़क का एक छोटा हिस्सा नीचे धंसने से शुरुआत हुई, लेकिन देखते ही देखते इसका दायरा काफी बढ़ गया। गड्ढे की गहराई और चौड़ाई इतनी अधिक थी कि आसपास की सड़कों पर जमा पानी भी बहकर उसी में समाने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने इस भयावह नजारे का वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह सड़क धंसी है, ठीक उसी जगह पर करीब एक महीने पहले भी एक छोटा गड्ढा हुआ था। उस समय संबंधित विभाग ने केवल मलबा भरवाकर खानापूर्ति कर दी थी और सड़क को दुरुस्त कर दिया था। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही गड्ढे की गंभीरता से जांच करके स्थायी समाधान निकाला जाता, तो आज यह बड़ी नौबत नहीं आती। अब इस घटना के बाद निर्माण कार्य और प्रशासनिक लापरवाही की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। किसी भी अनहोनी या बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल यातायात को एक तरफ से डायवर्ट कर संचालित कराया। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

फिलहाल सड़क धंसने के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती तौर पर भारी बारिश के चलते जमीन के भीतर पानी का दबाव बढ़ने, मिट्टी खिसकने या किसी अन्य तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। सबसे अहम बात यह है कि यह मार्ग जाजमऊ से वीआईपी सर्किट हाउस को जोड़ता है, ऐसे अतिमहत्वपूर्ण और वीआईपी रूट पर सड़क का इस तरह बैठ जाना नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।