आग लगे बस्ती में, फायर ब्रिगेड विधायक जी की ‘इनोवा’ धोने की मस्ती में! सिंगरौली में VIP कल्चर का गजब नजारा

Singrauli MLA Car Wash: मध्य प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो…

Singrauli MLA Car Wash: मध्य प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस वीडियो में सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के (Singrauli MLA Car Wash) विधायक रामनिवास शाह के सरकारी आवास के बाहर एक फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ी से उनकी इनोवा कार को धोया जा रहा है। वीडियो सामने आते ही सरकारी मशीनरी के निजी इस्तेमाल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

वीडियो में नजर आया कर्मचारियों का दल
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड के तीन कर्मचारी दमकल गाड़ी के पाइप से विधायक की कार पर पानी डालकर उसे साफ कर रहे हैं। बिलौंजी स्थित विधायक के शासकीय आवास के बाहर सड़क पर खड़ी इस दमकल गाड़ी और कार को धोने का यह कृत्य कैमरे में कैद हो गया। जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

अधिकारियों और विधायक की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और खुद विधायक की सफाई सामने आई है। सिंगरौली नगर निगम की कमिश्नर सविता प्रधान ने इंडिया टीवी से बातचीत में दावा किया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, विधायक रामनिवास शाह ने भी शुरुआत में इस बात से अनजान होने की बात कही और कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद ही उन्हें इसकी जानकारी मिली। विधायक ने यह भी स्वीकार किया कि ‘यह गलत है’, लेकिन साथ ही यह आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के पास कोई अन्य मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे इसे बेवजह तूल दे रहे हैं।

विपक्ष का हमला और जनता में नाराजगी
घटना के सामने आने के बाद विपक्ष ने बीजेपी सरकार और स्थानीय विधायक पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आखिर आपातकालीन सेवा देने वाली फायर ब्रिगेड की गाड़ी विधायक के घर निजी काम के लिए कैसे पहुंच गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद से आम जनता में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जो प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।