Raj Thackeray on Siddhivinayak: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर में (Raj Thackeray on Siddhivinayak) भारी वित्तीय गड़बड़ी और चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
शनिवार को मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने दावा किया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि निराश युवा सांत्वना के लिए मंदिरों का रुख करते हैं, लेकिन अब धार्मिक स्थल भी भ्रष्टाचार के दायरे से अछूते नहीं रहे हैं।
अपने इन दावों के समर्थन में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर की दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था, जिसके बाद साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से बढ़कर सीधे 1.5 करोड़ रुपये हो गई।
Siddhivinayak Mandir!
Theft worth ₹18 crore was taking place at the temple every year.
6 out of 8 trustee are from NDA Alliance!
Trustees themselves written a letter to CMO.
This is serious, We donate money out of faith, and yet such theft takes place in temple!#Mumbai pic.twitter.com/zAxuLqsMBr
— सुमित | Sumit (@SumitMNS9) August 1, 2026
इस पूरे विवाद पर सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना नेता सदा सरवणकर ने सफाई देते हुए स्वीकार किया कि इस मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और जहां भी आवश्यक समझा गया, वहां पुलिस में मामले दर्ज कराए गए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दान की राशि में यह बढ़ोतरी मंदिर न्यास द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों और प्रयासों के कारण हुई है।
राज ठाकरे के इन बयानों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि गणेश मंदिर के खिलाफ इस तरह के संगीन आरोप लगाना कतई उचित नहीं है और यदि राज
