Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक चार मंजिला जर्जर इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। इस भीषण दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई (Bhiwandi Building Collapse) जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, और एनडीआरएफ की टीम ने मलबे से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है।
पहले से खतरनाक घोषित थी इमारत, शाम से दिखने लगी थीं दरारें
मिली जानकारी के अनुसार, यह इमारत महानगरपालिका द्वारा पहले ही ‘खतरनाक’ घोषित की जा चुकी थी और इस पर नोटिस भी चस्पा किया गया था। गुरुवार शाम करीब 6 बजे से ही इमारत में दरारें पड़ने लगी थीं और रात 8 बजे इमारत के झुकने की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर इसे खाली करा रही थी। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत और पिलर ठीक करने का काम चल रहा था तथा कुछ लोग अपना सामान निकालने के लिए अंदर मौजूद थे, तभी अचानक यह पूरी इमारत भरभरा कर ढह गई।
एनडीआरएफ और राहत एजेंसियों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय युवाओं ने बहादुरी दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अरविंद गुप्ता और उनकी पत्नी भी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि उनकी बेटी कोमल ने खुद हिम्मत दिखाकर मलबे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। फिलहाल घटनास्थल पर NDRF, TDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चला रही हैं ताकि मलबे में फंसे शेष 5 से 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
#WATCH | Bhiwandi, Maharashtra: Morning visuals from the spot in Bhiwandi where emergency rescue teams are working extensively after a four-storey building partially collapsed. pic.twitter.com/qFxTuCHhJG
— ANI (@ANI) July 31, 2026
प्रशासन की अपील और प्रभावितों के लिए अस्थायी व्यवस्था
हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इलाके में भीड़ न लगाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। महापौर नारायण चौधरी ने बताया कि इमारत के पहले से खतरनाक घोषित होने के कारण अधिकांश लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए नजदीकी स्कूलों और सामुदायिक भवनों में अस्थायी व्यवस्था की है तथा लोगों से खतरनाक इमारतों में न रहने की सख्त अपील की है।
