Mahakumbh Stampede: महाकुंभ मेले में बुधवार की सुबह मौनी अमावस्या के अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित हो गई। अमृत स्नान के लिए उत्सुक श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि चलना मुश्किल हो गया। लोगों की सांसें थमने लगीं और महिलाएं एक-दूसरे पर गिरने लगीं। (Mahakumbh Stampede) इस स्थिति ने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। बैरिकेडिंग टूटने के कारण अचानक भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग घायल हो गए। उनका उपचार अस्पताल में चल रहा है और कुछ के मरने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री योगी ने इस घटना पर नवीनतम जानकारी दी है। उनके अनुसार, प्रयागराज में वर्तमान में 8 से 9 करोड़ श्रद्धालु उपस्थित हैं।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि संगम तट पर पहुंचने की होड़ के कारण ही यह भगदड़ हुई। अब यह जानना आवश्यक है कि वह स्थान कौन सा है, जहां सभी श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए इतने उत्सुक हैं। वास्तव में, महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान करने के लिए देशभर से श्रद्धालु उत्सुक रहते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि आज लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। बुधवार की सुबह से ही मौनी अमावस्या का अमृत स्नान प्रारंभ हो चुका था।
भगदड़ किस स्थान पर हुई, और इसके पीछे का विशेष कारण क्या है?
सच में, जिस स्थान पर भगदड़ हुई, उसे संगम नोज के नाम से जाना जाता है। संगम नोज वह स्थल है, जहां रात लगभग डेढ़ बजे भगदड़ का घटना घटित हुई। इसके आकार के कारण इसे संगम नोज कहा गया है। यहीं पर यमुना, गंगा और अदृश्य नदी सरस्वती का संगम होता है। यहीं पर यमुना और सरस्वती गंगा में समाहित हो जाती हैं। इस कारण से लोग यहां स्नान को अत्यधिक पवित्र मानते हैं। साधु-संत भी इस स्थान पर स्नान करते हैं और आम जन भी यहां स्नान करने के लिए उत्सुक रहते हैं। बुधवार की सुबह भगदड़ का कारण भी यही था। हालांकि प्रयागराज में कई घाट और तट हैं, लेकिन लोग यहां स्नान को सबसे अधिक पुण्य का कार्य मानते हैं।
संगम नोज पर क्या घटनाएँ हुईं, यह जानें।
भक्तों की एक बड़ी संख्या संगम नोज पर स्नान के लिए पहुंची थी, जिसके कारण वहां अफरा-तफरी मच गई। आधी रात के बाद लगभग 2 बजे कुंभ मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकरों से मंत्रों और श्लोकों का निरंतर उच्चारण हो रहा था, जबकि संगम की ओर दौड़ती एम्बुलेंसों और पुलिस वाहनों के तेज सायरन की आवाजें सुनाई दे रही थीं। घायलों को मेला क्षेत्र में स्थित केंद्रीय अस्पताल में भर्ती किया गया। कई घायलों के परिजन भी वहां पहुंचे, साथ ही कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। महाकुंभ में हुई भगदड़ के कारण लखनऊ से दिल्ली तक हलचल बढ़ गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार मुख्यमंत्री योगी से फोन पर बात की और स्थिति का अवलोकन किया। सुबह चार बजे से ही मुख्यमंत्री योगी अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे और स्थिति पर ध्यान केंद्रित किए रहे।
144 वर्षों के बाद बना एक विशेष संयोग
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि जो लोग मां गंगा के निकट हैं, वे वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालुओं को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए, व्यवस्था में सहयोग करना चाहिए और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 144 वर्षों के बाद ‘त्रिवेणी योग’ नामक एक अद्वितीय खगोलीय संयोग बन रहा है, जो इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को और भी बढ़ा रहा है। आज सुबह आठ बजे तक 3 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। मौनी अमावस्या से एक दिन पहले मंगलवार को रात आठ बजे तक 4.83 करोड़ लोगों ने स्नान किया, जबकि इससे पहले मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी।