दिल्ली में GST चोरी करने वाले बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: जयपुर DGGI की रेड, रोहिणी के दफ्तर से 4.58 करोड़ कैश बरामद

DGGI Jaipur Raid: वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI), जयपुर जोनल यूनिट ने फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए करोड़ों रुपये…

DGGI Jaipur Raid: वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI), जयपुर जोनल यूनिट ने फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए करोड़ों रुपये की GST चोरी करने (DGGI Jaipur Raid) वाले एक बड़े संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दिल्ली में व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संदिग्ध टैक्स चोरी और फर्जी ITC के मामलों का खुलासा किया गया है।

तीन दिनों तक चली सुनियोजित छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, DGGI जयपुर जोनल यूनिट की टीम ने पिछले तीन दिनों से दिल्ली में इस सिंडिकेट से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों और उनके ठिकानों पर सुनियोजित तरीके से तलाशी और जांच अभियान चलाया। इस दौरान फर्जी GST बिलिंग, बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के ITC पास-ऑन करने और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं।

RTGS के बदले नकदी देने वाले नेटवर्क का खुलासा
जांच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने सिंडिकेट के बैंकिंग लेनदेन और कैश फ्लो से जुड़े एक संदिग्ध कार्यालय का पता लगाया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह सिंडिकेट फर्जी बिल जारी कर व्यापारियों को ITC उपलब्ध करा रहा था। इसके अलावा, सिंडिकेट के जरिए किए जाने वाले RTGS लेनदेन के बदले संबंधित व्यापारियों तक नकदी (कैश) वापस पहुंचाने का अवैध नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था। वित्तीय नेटवर्क की इस छानबीन के दौरान विपुल गोयल की संदिग्ध भूमिका सामने आई, जो कथित तौर पर इस व्यवस्था से जुड़ा हुआ था।

पुलिस बल की मौजूदगी में खुला दफ्तर और मिला खजाना
इसी क्रम में, 31 अक्टूबर 2026 को DGGI टीम ने दिल्ली के रोहिणी स्थित सेक्टर-14 (RG-1 कॉम्प्लेक्स, तीसरी मंजिल, शॉप नंबर 328) में विपुल गोयल से जुड़े कार्यालय पर छापा मारा। परिसर बंद मिलने और चाबियां उपलब्ध न होने पर टीम ने स्थानीय दिल्ली पुलिस (प्रशांत विहार थाना) की मदद ली। पुलिस बल की उपस्थिति में ताले खुलवाकर जब गहन तलाशी ली गई, तो कार्यालय के विभिन्न बैगों और दराजों से 4 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई।

दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
नकद राशि के अलावा मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में चेकबुक और विभिन्न फर्मों से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें टीम ने आगे की जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।

आयकर विभाग को सौंपी गई नकदी
इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद DGGI जयपुर जोनल यूनिट ने तत्परता दिखाते हुए नई दिल्ली स्थित आयकर विभाग (Income Tax Department) के साथ तत्काल समन्वय स्थापित किया। इसके बाद सभी विधिक औपचारिकताओं और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए बरामद नकदी को आगे की विधिसम्मत कार्रवाई के लिए आयकर विभाग को सौंप दिया गया।

आगे की जांच जारी
इस पूरी कार्रवाई में DGGI जयपुर ने दिल्ली पुलिस और आयकर विभाग के साथ बेहतरीन अंतर-विभागीय तालमेल का उदाहरण पेश किया है। सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, फर्जी ITC का लाभ लेने वाले लाभार्थियों और मनी ट्रेल (Cash Flow) से जुड़े अन्य चेहरों की भी गहराई से जांच की जा रही है। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों के विश्लेषण से इस वित्तीय घोटाले के कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।