रोंगटे खड़े कर देगा यह मंजर: कीचड़ में फिसलकर नाले में जा गिरा 8 साल का बच्चा, पलक झपकते ही स्थानीय शख्स ने अपनी जान पर खेलकर बचाया।

Panipat Open Drain Accident: हरियाणा के पानीपत शहर में खुले नालों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। शहर की व्यस्त देवी मंदिर रोड…

Panipat Open Drain Accident: हरियाणा के पानीपत शहर में खुले नालों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। शहर की व्यस्त देवी मंदिर रोड पर नाला पार करते (Panipat Open Drain Accident) समय 8 साल का एक मासूम बच्चा अचानक खुले नाले में जा गिरा। गनीमत यह रही कि समय रहते एक स्थानीय निवासी ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत पानी में छलांग लगा दी और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना का दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

स्लैब न होने और कीचड़ के कारण फिसला पैर
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चा देवी मंदिर रोड पर नाला पार कर रहा था, लेकिन नाले के उस हिस्से पर सुरक्षा के लिए कोई स्लैब नहीं ढका गया था। इसके अलावा, गली में चारों तरफ कीचड़ भी फैला हुआ था। इसी दौरान बच्चे का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह खुले नाले में जा समाया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बच्चा कैसे अचानक फिसलकर नीचे गिर गया।

स्थानीय फरिश्ता बनकर आया आगे
बच्चे के नाले में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बिना एक पल गंवाए एक स्थानीय निवासी बच्चे को बचाने के लिए तुरंत दौड़ा और तेजी से उसे नाले से बाहर खींच लिया। यदि मौके पर मौजूद उस व्यक्ति ने त्वरित बुद्धिमत्ता और हिम्मत न दिखाई होती, तो यह हादसा किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकता था।

एक महीने में दूसरी घटना, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी देवी मंदिर रोड पर ठीक पिछले महीने एक महिला भी इसी तरह खुले नाले में गिर गई थी, जिसे बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका था। एक ही जगह पर बार-बार ऐसे हादसे होने के बावजूद नगर निगम द्वारा नाले के खुले हिस्से को ढकने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

जनता में रोष, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
खुले नालों और गलियों में फैले कीचड़ के कारण बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद जोखिम भरा और खतरनाक साबित हो रहा है। नागरिकों द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या नाले पर स्लैब लगवाने की कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर जल्द ही इस जानलेवा नाले को सुरक्षित किया जाएगा।