Mahoba Seed Scam: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में कृषि विभाग के अधिकारियों पर मूंगफली के बीज वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली करने और हजारों क्विंटल बीज गायब (Mahoba Seed Scam) करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस मामले के सामने आते ही कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। अकेले जैतपुर ब्लॉक में 2500 क्विंटल मूंगफली के लक्ष्य के मुकाबले महज 500 क्विंटल बीज ही वितरित किया गया है, जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि बाकी का 2000 क्विंटल बीज कहां गायब हो गया। यह तो सिर्फ एक ब्लॉक का आंकड़ा है, जबकि पूरे जिले में कुल चार ब्लॉक हैं।
जैतपुर ब्लॉक में सामने आया बड़ा अंतर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के किसानों को इस वर्ष कुल 10,000 क्विंटल मूंगफली का बीज वितरित करने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से ‘सीएसएआर डिस्ट्रिक्ट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ जैतपुर को 2500 क्विंटल मूंगफली वितरण का लक्ष्य सौंपा गया था, लेकिन संगठन को लक्ष्य के सापेक्ष केवल 500 क्विंटल बीज ही मिला। जैतपुर ब्लॉक के एफपीओ भुवेन्द्र चतुर्वेदी का कहना है कि समय पर पूरा बीज न मिलने के कारण निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका।
किसानों तक नहीं पहुंचा बीज और गोदाम का जवाब
जब इस मामले में गोदाम प्रभारी से बातचीत की गई, तो उनका कहना था कि स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। हालांकि, अलग-अलग स्तर पर की गई जांच में यह बात सामने आई कि बीज को अन्य कर्मचारियों के माध्यम से बंटवा दिया गया था, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह बीज कहां और किसे बांटा गया। सरकार की ओर से मूंगफली का बीज निःशुल्क दिया जाता है, लेकिन एफपीओ अपनी तरफ से सदस्यता शुल्क लेते हैं। किसानों का आरोप है कि नियमों के मुताबिक एक हेक्टेयर में एक क्विंटल बीज दिया जाना चाहिए था, लेकिन किसी को मात्र 20 किलो दिया गया तो कई किसानों को एक दाना भी नहीं मिला।
कृषि विभाग की सफाई और अधिकारियों के तर्क
इस पूरे मामले पर जिले के उप कृषि निदेशक का कहना है कि बीज वितरण को लेकर स्पष्ट निर्देश थे कि इसका वितरण या तो एफपीओ के माध्यम से किया जाए या फिर विभागीय कर्मचारियों द्वारा। चूंकि किसानों को समय पर बीज मिल सके इसलिए वितरण पहले ही शुरू करा दिया गया था। उन्होंने किसानों से दो बार अंगूठा लगवाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक बार उड़द और दूसरी बार मूंगफली के लिए अंगूठा लगवाया गया था। साथ ही, रसीद काटे जाने के मामले में उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे विभाग का कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि यह एफपीओ द्वारा काटी जा रही है।
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की क्लेम राशि में हुए घोटालों के बाद महोबा में किसानों के साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। किसानों द्वारा इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में जांच टीमों का गठन कर दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं।
