फेक न्यूज़ चलाने वाली चॅनल को कांग्रेस की दिव्या स्पंदना को देना पड़ेगा 50 लाख का मुआवज़ा

फेक न्यूज़ चलाने वाली चॅनल को कांग्रेस की दिव्या स्पंदना को देना पड़ेगा 50 लाख का मुआवज़ा

बेंगलुरु सिटी सिविल कोर्ट ने पिछले महीने कन्नड़ अभिनेत्री और पूर्व सांसद दिव्या स्पंदना द्वारा एशियानेट और उसके सहायक चैनल सुवर्णा न्यूज के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में 50 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है.

आरोप है कि सुवर्णा न्यूज़ ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सट्टेबाजी स्कैंडल मामले में दिव्या स्पंदना के शामिल होने का दावा करते हुए एक खबर चलाई थी. इसी मामले को लेकर दिव्या स्पंदना ने 2013 में मानहानि का केस दर्ज कराया था.

31 मई, 2013 को प्रसारित एक कार्यक्रम में आरोप लगाया गया कि कन्नड़ फिल्म उद्योग की दो अभिनेत्रियां आईपीएल को प्रभावित करने वाले स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के घोटाले में शामिल थीं. हालांकि इस खबर में स्पंदना का नाम नहीं लिया गया था लेकिन उनकी फोटो कार्यक्रम में दिखाई गई थी.

बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान एशियानेट और सुवर्णा न्यूज ने कहा कि कार्यक्रम में दिव्या स्पंदना का कोई सीधा जिक्र नहीं किया गया था इसलिए उन्हें कोई हानि या नुकसान नहीं पहुंचा है. हालांकि, अतिरिक्त सिटी सिविल एंड सेशन जज पाटिल नागालिंगनगौड़ा ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया.

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि स्पंदना आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की एक ब्रांड एंबेसडर थीं, लेकिन उन्होंने 2013 के सीजन में भाग नहीं लिया था क्योंकि वह कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार कर रही थीं.

इस मुद्दे पर विभिन्न उदाहरणों पर विचार करने के बाद, न्यायालय ने कहा कि ऐसी चीजों के प्रसारण से समाज के सही सोच वाले व्यक्तियों के मन में पूर्व सांसद की प्रतिष्ठा कम हुई. ऐसा करते समय, न्यायालय ने गलत जानकारी प्रकाशित करने के लिए एशियानेट और सुवर्णा न्यूज की निंदा की.

फैसले में लिखा है, ‘इस न्यायालय की राय है कि मामले में एशियानेट और सुवर्णा न्यूज का कार्य पूरी तरह से पत्रकारिता की नैतिकता का उल्लंघन है और जानबूझकर दिव्या स्पंदना की लोकप्रियता को नष्ट करने के लिए और उनकी गरिमा को बदनाम करने के इरादे से किया गया है.’

स्पंदना ने चैनलों से 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था. हालांकि, कोर्ट ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए 50 लाख रुपये का मुआवजा देना जरूरी समझा. इसके अलावा कोर्ट ने आईपीएल फिक्सिंग के संदर्भ में स्पंदना को लेकर कोई भी खबर प्रकाशित करने से हमेशा के लिए रोक लगा दी है.

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