जितना ज्यादा वायु प्रदूषण, उतनी ज्यादा घातक कोरोना की असर : रिपोर्ट

जितना ज्यादा वायु प्रदूषण, उतनी ज्यादा घातक कोरोना की असर : रिपोर्ट

5 जून को पूरी दुनियामे विश्व पर्यावरण दिन पर्यावरण की रक्षा के लिए मनाया जाता है। आज पूरी दुनिया प्रदूषण से भर चुकी है, सभी देश इसे कम करने के नए नए रास्ते ढूंढ रहे है, बढ़ते हुए प्रदूषणने कई जगह पर लोको व पशु-पक्षीओ का भी जीना हराम कर दिया, है इससे कई सारी बीमारिया भी होती है|

आज विश्व पर्यावरण दिन पर जानिए क्या है प्रदूषण का कोरोना कनैक्शन
कई संस्थाओं की रिसर्च से मालूम हुआ है कि जहां वायु प्रदूषण ज्यादा है, वहां कोरोना से ज्यादा मौते हुई है। भारत मे मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, पुणे जैसे बड़े शहरों में कोरोना से लोको ज्यादा संक्रमित हुए है, जहां वायु प्रदूषण सबसे अधिक है। पूरे देश के मुक़ाबले यहा मृत्यु दर ज्यादा है, यहां देश के करीब 40% संक्रमण के मामले मिले। हाल ही में की गई रिसर्च में यह नतीजे सामने आए हैं।

हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन से पता चला है कि अमेरिका में जहां वायु प्रदूषण ज्यादा है, वहां कोरोना का मृत्यु दर 15%  रहा है । कोरोना के जन्मस्थल माने जाने वाले चीन की बात करें, तो यहां के 120 ज्यादा प्रदूषण वाले शहरो मे कोरोना संक्रामण सबसे ज्यादा है और यहा पर देशमे मरने वालो की कुल संख्या के 84 % है ।

उत्तरी इटली के लोम्बार्डी, एमिलिया रोमाग्ना इलाका और पीओ घाटी में प्रदूषण अधिक है इसलिए यहा पर कोरोना संक्रमण भी ज्यादा हुआ है । एक और रिसर्च मे दावा किया गया है कि इंफ्लूएंजा, सांस नली को प्रभावित करने वाले अन्य वायरस, वायु कणों के सहारे फैले हैं। मानव संपर्क के अलावा प्रदूषण में कमी भी कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने का एक रास्ता हो सकता है।

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